सीमांचल में नई रेल लाइनों और दोहरीकरण से खुलेगा विकास का द्वार, बनेगा दिल्ली-गुवाहाटी नेटवर्क का नया हब
सीमांचल में नई रेल लाइनों और दोहरीकरण से खुलेगा विकास का द्वार, दिल्ली-गुवाहाटी रेल नेटवर्क का बनेगा नया 'हब'. रिपोर्ट- आशीष सिन्हा

Published : September 3, 2026 at 1:27 PM IST
किशनगंज: केंद्र सरकार दिल्ली से गुवाहाटी तक रेल नेटवर्क को मल्टी-ट्रैकिंग के जरिए मजबूत करने की बड़ी योजना पर काम कर रही है. इस योजना में बिहार का सीमांचल क्षेत्र महत्वपूर्ण कनेक्टिंग लिंक के रूप में उभर रहा है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा साझा किए गए रूट मैप के अनुसार नई रेल लाइनों और दोहरीकरण परियोजनाओं से क्षेत्र में विकास के नए द्वार खुलेंगे.
बिहार से प्रस्तावित मुख्य मार्ग
दिल्ली से गोरखपुर होते हुए नरकटियागंज–रक्सौल–सीतामढ़ी–सरायगढ़–अररिया और आगे न्यू जलपाईगुड़ी (एनजेपी) होते हुए गुवाहाटी तक एक सशक्त रेल नेटवर्क बिछाने की तैयारी है. इस महात्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने से सीमांचल का ठाकुरगंज रेलवे मानचित्र पूरी तरह बदल जाएगा और यह दिल्ली-पूर्वोत्तर कनेक्टिविटी का प्रमुख केंद्र बन जाएगा.
Rail network की four-laning से पूर्वांचल को मिलेगी नई रफ्तार। pic.twitter.com/7ZqhubWcqn
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) August 31, 2026
सीमांचल की मौजूदा रेल परियोजनाएं
सीमांचल में रेलवे क्षमता बढ़ाने के लिए कई परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है. अररिया–गलगलिया रेल लाइन के तहत अररिया से ठाकुरगंज की दिशा में सिंगल रेल लाइन का संपर्क विकसित हो चुका है. भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसके दोहरीकरण के लिए किशनगंज जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी है.
अलुआबाड़ी रोड–ठाकुरगंज दोहरीकरण
अलुआबाड़ी रोड से ठाकुरगंज तक 19.95 किलोमीटर दोहरीकरण परियोजना को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है. इस परियोजना से रूट की क्षमता में काफी बढ़ोतरी होगी और यात्री तथा माल ढुलाई दोनों को बढ़ावा मिलेगा.

ठाकुरगंज–सिलीगुड़ी खंड का विस्तार
ठाकुरगंज–सिलीगुड़ी के 56.41 किलोमीटर लंबे रेलखंड के दोहरीकरण से इस रूट की क्षमता में भारी इजाफा होगा. यह परियोजना दिल्ली-गुवाहाटी कॉरिडोर को और अधिक मजबूत बनाएगी तथा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई दिशा देगी.
ठाकुरगंज–चतरहाट नई ब्रॉडगेज लाइन
किशनगंज जिले के ठाकुरगंज–चतरहाट के बीच 24.40 किलोमीटर लंबी नई ब्रॉडगेज रेल लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे और मिट्टी जांच का काम युद्धस्तर पर चल रहा है. चतरहाट पहले से ही अलुआबाड़ी रोड–न्यू जलपाईगुड़ी सेक्शन पर स्थित है, जिससे सीधा जुड़ाव आसान हो जाएगा.
उत्तर बंगाल में अतिरिक्त लाइनों की स्वीकृति
अलुआबाड़ी रोड–न्यू जलपाईगुड़ी के बीच करीब 57 किलोमीटर तीसरी-चौथी लाइन परियोजना को भी हरी झंडी मिल चुकी है. इन परियोजनाओं के जुड़ने से पूरे क्षेत्र का रेल नेटवर्क बहुआयामी और अधिक कुशल बन जाएगा.
ठाकुरगंज का जंक्शन के रूप में उदय
इन सभी कड़ियों के जुड़ने से ठाकुरगंज एक साधारण स्टेशन से प्रमुख जंक्शन में बदल जाएगा. अररिया से ठाकुरगंज और चतरहाट होते हुए सीधे न्यू जलपाईगुड़ी के लिए एक बेहतरीन वैकल्पिक मार्ग तैयार हो जाएगा. इससे दिल्ली-गुवाहाटी कॉरिडोर पर माल और यात्री परिवहन के लिए नया तथा तेज विकल्प उपलब्ध होगा.
सामरिक और आर्थिक लाभ
किशनगंज जिले में हो रहे इन बदलावों से सुरक्षा की दृष्टि से भी लाभ मिलेगा. ठाकुरगंज स्टेशन सहित आसपास के संवेदनशील इलाकों तथा निकटवर्ती नेपाल सीमा क्षेत्र के व्यापारियों को भी इसका फायदा पहुंचेगा. कुल मिलाकर यह परियोजना सीमांचल को विकास के नए रास्ते खोलते हुए पूर्वोत्तर भारत से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी.
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