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यूपी के संभल-बाराबंकी और फतेहपुर में खुलेंगे नए निजी विश्वविद्यालय; बढ़ेंगे रोजगार के अवसर, मिला लेटर ऑफ इंटेंट

लखनऊ में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विश्वविद्यालयों को सौंपा पत्र, कहा- युवाओं को मिलेगा रिसर्च का मौका.

लखनऊ में मंत्री ने सौंपा पत्र.
लखनऊ में मंत्री ने सौंपा पत्र. (Photo Credit; higher education department)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : October 29, 2025 at 7:45 PM IST

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लखनऊ : सूबे के सम्भल, बाराबंकी और फतेहपुर में निजी विश्वविद्यालय खुलेंगे. बुधवार को इसे लेकर उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की ओर से पत्र सौंपा गया. नए खुलने वाले विश्वविद्यालयों में राधा गोविन्द विश्वविद्यालय चन्दौसी (संभल), बोधिसत्व विश्वविद्यालय (बाराबंकी) को संचालन प्राधिकार-पत्र (लेटर ऑफ ऑथराइजेशन) सौंपा गया. जबकि ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय (फतेहपुर) की प्रायोजक संस्था एंग्लो संस्कृत कॉलेज फतेहपुर को 'आशय-पत्र' (लेटर ऑफ इंटेंट) सौंपा गया.

प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने लखनऊ स्थित अपने आवास पर इन नए विश्वविद्यालयों को संचालन प्राधिकार-पत्र और 'आशय-पत्र' सौंपा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, कौशल-आधारित शिक्षा और युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण अध्ययन अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है.

उन्होंने कहा कि निजी विश्वविद्यालय प्रदेश के शिक्षा परिदृश्य में पूरक भूमिका निभाते हुए स्थानीय युवाओं को उन्नत शिक्षा, अनुसंधान और रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे. राधा गोविंद विश्वविद्यालय का नाम उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (पंचम संशोधन) अध्यादेश 2025 के तहत अधिनियम की अनुसूची-2 में क्रमांक 52 पर जबकि बोधिसत्व विश्वविद्यालय का नाम तृतीय संशोधन अध्यादेश क्रमांक 50 पर सम्मिलित किया गया है. इन विश्वविद्यालयों के संचालन के लिए शासन की ओर से पत्र सौंपे गए हैं.

फतेहपुर जिले में प्रस्तावित ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी ‘आशय-पत्र’ में यह निर्देश दिए गए हैं कि प्रायोजक संस्था को 5 करोड़ रुपये की स्थायी निधि सृजित करनी होगी. न्यूनतम 20 एकड़ (नगरीय क्षेत्र) या 50 एकड़ (ग्रामीण क्षेत्र) भूमि सम्यक रूप से धारित करनी होगी, 24 हजार वर्गमीटर फर्श क्षेत्रफल का निर्माण कर उसमें न्यूनतम 2 करोड़ रुपये मूल्य के शैक्षणिक उपकरण, फर्नीचर और प्रयोगशाला सामग्री स्थापित करनी होगी.

इस अवसर पर प्रमुख सचिव एमपी अग्रवाल, सचिव अमृत त्रिपाठी, विशेष सचिव गिरिजेश त्यागी सहित विश्विद्यालय के तमाम अधिकारी मौजूद रहे.

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