बिहार बोर्ड के नाम पर ठगी का नया पैंतरा, छात्रा के भाई को कॉल पर कही गई ये बात
बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम से पहले ठग गिरोह सक्रिय हो गया है और अभिभावकों को फोनकर डराकर पैसों की डिमांड की जा रही है. पढ़ें

Published : March 13, 2026 at 1:32 PM IST
भोजपुर: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम घोषित होने से पहले ही साइबर ठगों का एक संगठित गिरोह सक्रिय हो गया है. अभी इंटरमीडिएट परीक्षा का मूल्यांकन कार्य चल रहा है. ऐसे में ये जालसाज छात्रों के परिजनों को फोन कर यह कहकर डरा रहे हैं कि उनका बेटा,बेटी या बहन दो-तीन विषयों में फेल हो रहे हैं. इसके बाद पैसे देने पर फर्स्ट डिवीजन से पास करा देने का झांसा देकर अवैध वसूली की कोशिश की जा रही है.
रिजल्ट आने से पहले साइबर गिरोह सक्रिय: ताजा मामला जिले के चरपोखरी से सामने आया है, जहां के निवासी आनंद प्रकाश को इस नंबर +91 9250769674 से कॉल आया. आनंद किशोर ने बताया कि मुझे एक अंजान नंबर से 11 मार्च को 2 बजे के करीब एक कॉल आया. कॉल करके मेरी बहन का डिटेल बताया, जो इस बार इंटरमीडिएट का फाइनल एग्जाम दी है.
"बहन की सारी जानकारी देकर पूछा कि आप कौन बोल रहे हैं. मैंने कहा कि मैं छात्रा का भाई हूं. उसने कहा कि मैं बिहार बोर्ड से बोल रहा हूं. आपकी बहन की कॉपी जांच हो रही है. वह फिजिक्स और केमिस्ट्री विषय में फेल हो रही है, जिसके कारण वह फेल हो जाएगी. अगर उनको पास करवाना है तो इसके एवज में आपको कुछ पैसे देने होंगे."- आनंद प्रकाश, शिकायतकर्ता
फर्स्ट क्लास से पास कराने के लिए पैसों की डिमांड: आनंद प्रकाश ने आगे बताया कि फोन करने वाले शख्स ने कहा कि मैं यहां से उसका फर्स्ट डिवीजन में रिजल्ट बना दूंगा. मैंने कहा कि हम आपसे मिलना चाहते हैं, तो उसने कहा कि नहीं ऑनलाइन पेमेंट कर दीजिए. मैंने उसे फ्रॉड समझते हुए कॉल को डिसकनेक्ट कर दिया. फिर आगे हमारी उससे कोई बातचीत नहीं हुई.
सारी जानकारी दी बिल्कुल सही : आनंद प्रकाश के अनुसार फोन करने वाले शख्स ने सारी जानकारी बिल्कुल सटीक और सही दी, ताकि उनका भरोसा जीता जा सके. कॉल करने वाले ने खुद को पटना बोर्ड ऑफिस का कर्मचारी बताया था. उसने बेहद आत्मविश्वास के साथ आनंद प्रकाश की बहन का नाम, माता-पिता का नाम और अन्य निजी जानकारी दी.
आखिर ठगों के पास कैसे पहुंच रहा छात्रों का डेटा?: इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल छात्रों के निजी डेटा की सुरक्षा को लेकर उठ रहा है. अभिभावकों का कहना है कि जालसाजों के पास छात्रों के मोबाइल नंबर, नाम और पारिवारिक जानकारी इतनी सटीक कैसे पहुंच रही है?
रहें सावधान: ठग अभिभावकों को यह कहकर भी दबाव बनाते हैं कि कॉपियां जमा होने में समय कम है, अभी पैसे भेज दीजिए वरना बच्चा फेल हो जाएगा. इस तरह भावनात्मक दबाव बनाकर तुरंत पैसे ऐंठने की कोशिश की जाती है. ऐसे में लोगों को जागरुक और सतर्क रहने की जरूरत है. किसी भी तरह के झांसे में न आएं. भोजपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी मानवेन्द्र कुमार राय ने स्पष्ट किया कि बोर्ड की ओर से किसी भी छात्र या अभिभावक को फेल या पास कराने के नाम पर फोन नहीं किया जाता है.
"इस तरह की कॉल पूरी तरह फ्रॉड है. छात्रों और अभिभावकों को सतर्क रहना चाहिए और ऐसे किसी भी कॉल की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर सेल को देनी चाहिए."- मानवेन्द्र कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, भोजपुर
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