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नेपाल में बाढ़ का असर: बह आया लाखों का सामान, गंडक से निकली क्विंटल की मछली

नेपाल बाढ़ से गंडक नदी में बड़े पैमाने पर शव, मलबे और विशालकाय मछलियां बहकर आ रही. रिपोर्ट-अटल बिहारी, दिलीप कुमार

Nepal Floods Have Affected Bihar
नेपाल में बाढ़ का असर (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : August 30, 2026 at 12:42 PM IST

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गोपालगंज/बगहा: नेपाल के पहाड़ी इलाकों और तिब्बत में आई भीषण बाढ़ और त्रिशूली नदी क्षेत्र में बुधवार को हुए भूस्खलन का भयावह असर अब बिहार के सीमावर्ती जिलों में साफ तौर पर देखने को मिल रहा है. उफान मारती गंडक नदी की तेज धारा के साथ नेपाल की तरफ से बड़े पैमाने पर मलबा बहकर बिहार की सीमा में पहुंच रहा है.

नदी में तैरता घरेलू सामान: वाल्मीकिनगर गंडक बराज से गुरुवार को करीब 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया. इसके बाद मांझा प्रखंड के निमुइया पंचायत, वाल्मीकिनगर और गोपालगंज में नदी की तेज धार में अजीब मंजर देखने को मिल रहा है. नदी में घरेलू सामान जैसे गैस सिलेंडर, बर्तन, लकड़ी के तख्ते और प्लास्टिक का सामान तैरता हुआ आ रहा है.

जान जोखिम में डालकर सामान निकालना: यह डरावना और हैरान करने वाला नजारा वाल्मीकिनगर से लेकर धनहा गौतम बुद्ध सेतु तक देखा गया. इस पूरे रूट पर नदी किनारे लोगों का हुजूम जमा रहा. स्थानीय ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर नावों के सहारे बहकर आ रहे सिलेंडरों और भारी मात्रा में लकड़ियों जैसी वस्तुओं को नदी से बाहर निकाल रहे हैं.

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नदी में बहकर आये सिलेंडर (ETV Bharat)

इंसानी शवों और मवेशियों से दहशत: इससे भी अधिक भयावह और दिल दहला देने वाली बात यह है कि गंडक नदी में इंसानों के शवों के साथ-साथ जंगली जानवरों के शव बहते दिखाई दे रहे हैं. तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों का दावा है कि पानी की रफ्तार इतनी तेज है कि शव रुकने के बजाय तेजी से आगे बढ़ते चले जा रहे हैं.

शवों को बरामद करने की मांग: जानवरों में मुख्य रूप से जंगली सुअर, भैंस और अन्य मवेशियों के शव शामिल बताए जा रहे हैं. गंभीर स्थिति को देखते हुए एआईएमआईएम के प्रदेश सचिव अनस सलाम ने जिला प्रशासन से तत्काल कड़े कदम उठाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि गंडक नदी में बहकर आ रहे इंसानी शवों को तुरंत बरामद किया जाना चाहिए.

"यह तबाही नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण हुई है. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम से गंडक नदी में मोटरबोट से पेट्रोलिंग बढ़ाने की अपील की है, ताकि नदी से शवों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जा सके और संभावित खतरों को रोका जा सके." -अनस सलाम, प्रदेश सचिव, एआईएमआईएम

मछुआरों के लिए आजीविका का मौका: गोपालगंज और बगहा जिले में यह आपदा स्थानीय मछुआरों के लिए आजीविका का एक शानदार मौका बनकर आई है. उफनती गंडक नदी की तेज धारा अपने साथ भारी मात्रा में मछलियां बहाकर ला रही है. नेपाल के जलाशयों का जलस्तर बढ़ने के कारण तिब्बती और हिमाचली नस्ल की भारी-भरकम मछलियां मैदानी इलाकों में आ गई हैं.

क्विंटल की विशालकाय बघार मछली: शनिवार को मंगलपुर और वाल्मीकिनगर क्षेत्र के जलस्तर में मछुआरों ने नदी से विशालकाय बघार मछलियां पकड़ीं. पकड़ी गई इन मछलियों का वजन करीब 10 किलो से लेकर 90 किलो तक देखा जा रहा है. कम से एक क्विंटल की मछली को उठाने के लिए चार लोग मिलकर लगे और उसे ले जाने के लिए बाइक का इस्तेमाल किया गया.

मंगलपुर पुल बना मत्स्य केंद्र: नेपाल से बहकर आ रही इन मछलियों के कारण मंगलपुर पुल के पास का पूरा इलाका एक बड़े मत्स्य केंद्र में बदल गया है. यह पुल गंडक नदी के मुहाने पर स्थित है. यहाँ नदी का पाट काफी चौड़ा है और पानी का बहाव बेहद तेज होने के कारण मछलियां आसानी से जाल में आ रही हैं.

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नदी किनारे मछली लेने पहुंचे लोग (ETV Bharat)

गंडक के पानी में रोहू, कतला, बोआ और मांगुर जैसी प्रजातियां मिल रही हैं. नदी किनारे बसे गांवों के सैकड़ों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर दिन-रात मंगलपुर पुल पर डटे हुए हैं. उफनती लहरों के बीच से मछलियां निकालने के लिए महाजाल और कांटों का सहारा लिया जा रहा है.

बाढ़ पीड़ितों को वित्तीय राहत: प्राकृतिक आपदा का यह दौर स्थानीय परिवारों के लिए बड़ी वित्तीय राहत लेकर आया है. यहाँ रोजाना कई क्विंटल मछलियां निकाली जा रही हैं, जो नदी किनारे ही 200 से 400 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रही हैं. इस कमाई ने हालिया मूसलाधार बारिश और बाढ़ की मार झेल रहे परिवारों को बहुत सहारा दिया है.

तेज बहाव के बीच बड़ा खतरा: इस वक्त गंडक नदी का भयानक रूप किसी बड़े खतरे को दावत दे रहा है. तेज बहाव के बीच नावें ले जाना या पुल के खतरनाक कोनों पर खड़े होना बेहद जानलेवा है. स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर सख्त चेतावनी दी है. लेकिन कमाई की उम्मीद में मछुआरे मौत को मात दे रहे हैं.

धनहा पुल पर लगा ट्रैफिक जाम: धनहा पुल पर नदी से बहकर आ रहे सामान को देखने और निकालने की होड़ मच गई. इस भीड़ के कारण मुख्य मार्ग पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया. मामले की सूचना मिलते ही धनहा थानाध्यक्ष अमित कुमार सिंह पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे.

पुलिस की मुस्तैदी और सिलेंडर जब्त: पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए लोगों को हटाकर यातायात बहाल कराया. पुलिस ने नदी से निकाले गए कुछ गैस सिलेंडरों को जब्त भी किया है. इस दौरान पुलिस लोगों को नदी में उतरने से रोकती रही, इसके बावजूद कई लोग रिस्क लेते रहे जिससे हादसे की आशंका बनी रही.

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नदी से निकले लकड़ी और कुर्सी (ETV Bharat)

नेपाल बाढ़ में मौतों का आंकड़ा: नेपाल में बाढ़ की तबाही से अब तक 724 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके अलावे अभी भी 2498 लोग लापता हैं. इसमें भारतीय भी शामिल हैं. बिहार के मोतिहारी के एक ही परिवार के लोग शामिल हैं. ये सभी मोतिहारी के आदापुर थाना के छपरा गांव के रहने वाले हैं.

तीर्थयात्रियों का रेस्क्यू ऑपरेशन: बिहार सरकार ने आपदा की इस स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है. इसी सिलसिले में सरकार ने अब तक महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्रियों को रेस्क्यू कर अपने गृह राज्य रवाना किया है. प्रशासन सीमावर्ती इलाकों में लगातार नजर बनाए हुए है.

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