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नेपाल बाढ़ का साइड इफेक्ट, गंडक नदी में पहुंचीं 90 किलो की रहस्यमयी मछलियां

नेपाल की बाढ़ के बाद गंडक नदी में आई 90 किलो तक की अज्ञात मछलियों को लेकर प्रशासन ने जारी किया अलर्ट. रिपोर्ट- दिलीप कुमार

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पश्चिम चंपारण में मिली 90 किलो की रहस्यमयी मछलियां (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : September 2, 2026 at 7:17 AM IST

5 Min Read
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पश्चिम चंपारण: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद गंडक नदी का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है. इसके कारण पश्चिम चंपारण और गोपालगंज के सीमावर्ती इलाकों में बड़ी और असामान्य मछलियों के पहुंचने से हड़कंप मच गया है. गंडक नदी और आसपास के जलस्रोतों में ऐसी मछलियां मिलने के बाद बिहार सरकार और स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.

मत्स्य विभाग की एडवाइजरी: सरकार के मत्स्य विभाग ने तत्काल एक एडवाइजरी जारी की है. विभाग ने लोगों से अनजान या असामान्य दिखने वाली मछलियों को पकड़ने, खरीदने-बेचने और खाने से बचने की अपील की है. विभाग का कहना है कि जब तक किसी मछली की प्रजाति की पहचान और उसके खाने के लिए सुरक्षित होने की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक उसका सेवन नहीं किया जाना चाहिए.

नेपाल से आया बाढ़ का पानी: बताया जा रहा है कि नेपाल से आया बाढ़ का पानी गंडक नदी में पहुंचने के बाद नदी और उसकी सहायक धाराओं का पानी कई इलाकों में फैल गया है. बाढ़ के दौरान तालाबों, नदियों और दूसरे जलस्रोतों की मछलियां पानी के तेज बहाव के साथ काफी दूर तक बहकर पहुंच सकती हैं. इस दौरान इनके दूषित नालों, मृत जानवरों और अन्य प्रदूषित पदार्थों के संपर्क में आने की आशंका रहती है.

संक्रमण का बढ़ा खतरा: प्रशासन के मुताबिक ऐसी स्थिति में मछलियों में बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या अन्य हानिकारक तत्वों के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है. वहीं, वाल्मीकिनगर से लेकर धनहा स्थित गौतम बुद्ध सेतु तक गंडक नदी के किनारे बड़ी संख्या में लोग मछली पकड़ने पहुंच रहे हैं.

90 किलो की विशालकाय मछलियां: इस दौरान मछुआरों के हाथ 10 किलो से लेकर करीब 90 किलो तक वजन वाली बड़ी मछलियां लगने की जानकारी सामने आई है. बड़ी मछलियों के मिलने की खबर फैलने के बाद नदी किनारे लोगों की भीड़ भी बढ़ रही है. इनमें स्थानीय स्तर पर कुछ मछलियों का नाम ‘बघार’ या ‘गोचिटा’ बताया जा रहा है.

विशेषज्ञों का अनुमान: वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के निदेशक समीर कुमार सिन्हा के मुताबिक, "नेपाल की बाढ़ के बाद गंडक नदी में बहकर पहुंची ज्यादातर बड़ी मछलियों के Bagarius bagarius, यानी गूंच कैटफिश, होने की आशंका है." गूंच एक बड़ी मीठे पानी की शिकारी कैटफिश है, जो भारत और नेपाल समेत दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में तेज बहाव वाली नदियों में पाई जाती है.

"नेपाल की बाढ़ के बाद गंडक नदी में बहकर पहुंची ज्यादातर बड़ी मछलियों के गूंच कैटफिश होने की आशंका है.गूंच एक बड़ी मीठे पानी की शिकारी कैटफिश है, जो भारत और नेपाल समेत दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में तेज बहाव वाली नदियों में पाई जाती है."- समीर कुमार सिन्हा,निदेशक,वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया

गूंच कैटफिश की विशेषताएं: गूंच आमतौर पर गहरी नदी, चट्टानों और तेज धार वाले इलाकों में रहती है और छोटी मछलियों, केकड़ों तथा दूसरे जलीय जीवों का शिकार करती है. हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया है कि मछली की पहचान होने मात्र से उसे बाढ़ के दौरान पकड़ी गई मछली के रूप में खाने के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता. खासकर मरी हुई या लंबे समय से बाहर पड़ी मछली तेजी से खराब हो सकती है और उसके सेवन से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है.

बगहा एसडीएम की अपील: मामले की गंभीरता को देखते हुए बगहा एसडीएम चांदनी कुमारी ने भी लोगों से अपील की है कि नेपाल से बाढ़ के पानी के साथ आई किसी भी अज्ञात अथवा असामान्य मछली को पकड़ने, खरीदने, बेचने या खाने से बचें. यदि किसी मछली की पहचान को लेकर संदेह हो तो संबंधित मत्स्य विभाग से पुष्टि के बाद ही उसके उपयोग पर विचार करें.

"लोगों से अपील है कि नेपाल से बाढ़ के पानी के साथ आई किसी भी अज्ञात अथवा असामान्य मछली को पकड़ने, खरीदने, बेचने या खाने से बचें. यदि किसी मछली की पहचान को लेकर संदेह हो तो संबंधित मत्स्य विभाग से पुष्टि के बाद ही उसके उपयोग पर विचार करें."- चांदनी कुमारी, बगहा एसडीएम

प्रशासन की सख्त हिदायत: प्रशासन ने लोगों से यह भी कहा है कि सिर्फ किसी सामान्य रूप से खाई जाने वाली मछली जैसी दिखने के आधार पर किसी अनजान मछली को सुरक्षित न मानें. ऐसी मछली मिलने पर इसकी सूचना जिला मत्स्य पदाधिकारी या स्थानीय प्रशासन को दें.

स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी: वहीं, अगर किसी व्यक्ति ने ऐसी मछली का सेवन कर लिया है और उसके बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर, सांस लेने में परेशानी या कोई अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है.

अफवाहों से बचने की सलाह: फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और मछली की प्रजाति तथा उसके खाने योग्य होने की आधिकारिक पुष्टि होने तक पूरी सावधानी बरतने की अपील की है. नेपाल की बाढ़ के बाद गंडक में आई बड़ी और अनजान मछलियों ने जहां लोगों की उत्सुकता बढ़ाई है, वहीं प्रशासन ने इसे लेकर सावधानी बरतने की अपील की है

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