पीएम आवास योजना से नाम कटने पर बवाल, धमतरी में ग्रामीणों ने घेरा कलेक्टर कार्यालय
PM आवास योजना की लिस्ट से नाम कटने पर ग्रामीणों ने धमतरी में कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया है. पढ़िए पूरी खबर

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 7, 2026 at 8:03 PM IST
धमतरी: कुरुद विकासखंड के ग्रामीणों ने मंगलवार धमतरी कलेक्टर कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया है. यह विरोध प्रदर्शन पीएम आवास योजना में नाम काटे जाने को लेकर था. ग्रामीण प्रशासन के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं. बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर धरना देकर नारेबाजी की और जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ दिलाने की मांग उठाई. प्रदर्शन में कांग्रेस जिला अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर भी शामिल हुए.
ग्रामीणों ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि जिन लोगों के कच्चे और जर्जर मकान हैं, जिनकी छतों से बारिश में पानी टपकता है और जो आज भी पॉलिथीन के सहारे जीवन बिता रहे हैं, उनके नाम प्रधानमंत्री आवास की सूची से हटा दिए गए हैं. वहीं पक्के मकानों और सरकारी नौकरी करने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल कर दिए गए हैं. ग्रामीणों ने इसे पात्र हितग्राहियों के साथ अन्याय बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की.
हम सुबह से जनदर्शन में अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे, लेकिन कलेक्टर के मौजूद नहीं होने पर हम ग्रामीणों को कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठना पड़ा- दुर्गा साहू, ग्रामीण
इस बार 61 पात्र हितग्राहियों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जबकि कई लोगों का नाम पहले दो-तीन बार सूची में शामिल हो चुका था. सर्वे और जांच प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई है-परमीन साहू, ग्रामीण
कांग्रेस ने आंदोलन का दिया अल्टीमेटम
कांग्रेस जिला अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने कहा कि कुरूद विधानसभा क्षेत्र के मेंडरका, सुपेला, कुर्रा, नारधा सहित जिले के कई गांवों के लोग अपने हक की लड़ाई लड़ने कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों के साथ भेदभाव किया जा रहा है. जिनके पक्के और दो मंजिला मकान हैं उन्हें आवास मिल रहा है, जबकि वास्तविक जरूरतमंदों के नाम काटे जा रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पात्र हितग्राहियों को न्याय नहीं मिला तो कांग्रेस इस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन करेगी.
प्रशासन ने जांच की कही बात
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की ओर से अपर कलेक्टर मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों से ज्ञापन लेकर पूरे मामले की जांच कराने तथा नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया. आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया.

