NEET छात्रा मौत मामला : मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, पटना SSP को नोटिस
नीट छात्रा की मौत मामले की जांच भले सीबीआई कर रही हो, पर एसएसपी को मानवाधिकार आयोग के समझ विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करना है.

Published : February 16, 2026 at 7:02 PM IST
मुजफ्फरपुर : पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने गंभीर रुख अपनाते हुए संज्ञान लिया है. आयोग ने पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को नोटिस जारी कर पूरे मामले में आठ सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. यह कार्रवाई मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा द्वारा 19 जनवरी को आयोग में दायर याचिका पर की गई है.
एक महीना पहले दायर की गई थी याचिका : मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा ने 19 जनवरी को आयोग में दर्ज कराई याचिका में आरोप लगाया था कि NEET छात्रा की मौत सामान्य नहीं है. इसमें गंभीर आपराधिक कृत्य की आशंका है. याचिका में यह भी कहा गया था कि प्रारंभिक जांच और पुलिस की कार्रवाई में कई अहम बिंदुओं की अनदेखी की गई है, जिससे निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े होते हैं.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मामला गंभीर हुआ : मृत छात्रा बिहार के जहानाबाद जिले की निवासी थी, जो पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी. अचानक हुई छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने मामले को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी. मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई.
''पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के शरीर पर चोट के कई निशान पाए जाने की बात सामने आई है. इन तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट संकेत मिले हैं कि मामला आत्महत्या या सामान्य मौत का नहीं हो सकता. पोस्टमार्टम के निष्कर्षों ने पुलिस जांच की दिशा और गंभीरता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.''- एसके झा, मानवाधिकार अधिवक्ता
'जघन्य आपराधिक घटना की ओर इशारा' : मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा ने आयोग के समक्ष दलील दी कि छात्रा के शरीर पर मौजूद चोटों के निशान, घटनास्थल की परिस्थितियां और अन्य साक्ष्य जघन्य आपराधिक घटना की ओर इशारा करते हैं. उन्होंने यह भी मांग की कि मामले की जांच किसी अवकाशप्राप्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके.
पटना SSP को तलब किया : याचिका पर सुनवाई के दौरान बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए पटना SSP को तलब किया है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि छात्रा की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष और गहन जांच आवश्यक है. आयोग ने यह भी संकेत दिया है कि यदि जांच में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है.
''छात्रा के शरीर पर चोट के कई निशान पाए गए हैं और परिस्थितियाँ जघन्य अपराध की आशंका को मजबूत करती हैं. हमने अवकाशप्राप्त न्यायाधीश की निगरानी में निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी. आयोग ने मामले में SSP पटना को तलब करते हुए स्पष्ट किया है कि पूरे प्रकरण की गहन समीक्षा की जाएगी. इस मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को निर्धारित की गई है.''- एसके झा, मानवाधिकार अधिवक्ता
क्या है पूरा मामला : दरअसल, 11 जनवरी 2026 को एक छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई. परिवार वाले सड़क पर उतरे. धीरे-धीरे मामला गर्म होता चला गया. विपक्ष लगातार हमलावर रहा. इधर सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच के आदेश दे दिए. परिवार वालों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
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