सम्राट चौधरी के कदम रखते ही नक्सलियों के गढ़ में हड़कंप, तीन कुख्यात ने किया सरेंडर
सम्राट चौधरी ने पहले ही नक्सलियों को चेतावनी देते हुए आत्मसमर्पण करने को कहा था. इसका असर मुंगेर में दिखा, जहां तीन ने सरेंडर किया.

Published : December 29, 2025 at 3:37 PM IST
मुंगेर: बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने पहले ही साफ कर दिया था कि या तो नक्सली सरेंडर करें या गया में पिंडदान उनके लिए तय है. इस चेतावनी का बड़ा असर भी देखने को मिला. सम्राट चौधरी के मुंगेर पहुंचते ही तीन कुख्यात नक्सलियों ने अपने-अपने हथियार डाल दिए. प्रशासन ने उन्हें मुख्यधारा में लौटने के लिए बधाई दी और सहयोग किया.
सम्राट चौधरी के खड़गपुर पहुंचते ही नक्सलियों का सरेंडर: रविवार को मुंगेर में बिहार डीजीपी विनय कुमार और एडीजी कुंदन कृष्णन के सामने तीन-तीन लाख के इनामी नक्सली जोनल कमांडर नारायण कोड़ा (23 नक्सली कांडों में फरार) और बहादुर कोड़ा सहित तीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया. वहीं नक्सली कांडों में फरार दस्ता सदस्य बिनोद कोड़ा, पिता सोनेलाल कोड़ा ने सरेंडर भी किया, जो लखीसराय के ग्राम शीतला कोड़ासी निवासी है.
"विधायक का दायित्व भी पूरा करना है. पीएम की मन की बात सुनी. खड़गपुर झील को आकर्षण का केंद्र बनाना है. भीमबांध को पूर्ण रूप से दुनिया के स्तर पर खड़ा करना है. ये टूरिस्ट हब बनेगा. नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटना चाहिए. नक्सलियों ने समर्पण किया है."- सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री, बिहार
डीजीपी ने किया नक्सलियों का स्वागत: डीजीपी विनय कुमार ने तीनों नक्सलियों का स्वागत करते हुए फूलों की माला पहनायी. नक्सलियों ने मुंगेर जिला अंतर्गत नक्सल प्रभावित हवेली खड़गपुर थाना क्षेत्र के आरएसके कॉलेज परिसर में आत्मसमर्पण किया. इस कार्यक्रम में डीजीपी विनय कुमार, एडीजी हेड क्वाटर कुंदन कृष्णन, एसटीएफ एसपी संजय सिंह और कई वरीय पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे.

"बिहार पहला राज्य है, जहां तीव्रता से नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. साल 2005 से अरवल, जहानाबाद जिला पूरी तरह से मुक्त हो गया है. इन इलाकों में सरकारी योजनाओं से लोगों को जोड़ा जा रहा है,सड़कें बनायी जा रही हैं. समाज के लोगों में नक्सलवाद का असर खत्म होता दिख रहा है." -विनय कुमार, डीजीपी, बिहार
मुंगेर को न्यू ईयर गिफ्ट: खड़गपुर को कभी नक्सलियों के प्रभाव वाला इलाका माना जाता था और लोग दिन में भी वहां जाने से डरते थे. परिस्थितियों बदली और अब खड़गपुर भी पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित होने जा रहा है. प्राकृतिक संपदा, गरम जलधाराओं, घने जंगलों और समृद्ध जैव विविधताओं के लिए प्रसिद्धि मुंगेर जिले के खड़गपुर झील में नौका विहार का शुभारंभ किया गया.

खड़गपुर झील में नौका विहार का उद्घाटन: बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नौका विहार का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि खड़गपुर झील के विकास से जिले को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी. वहीं बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास के अवसर भी सुजित होंगे.
100 शैय्या वाले नवनिर्मित अस्पताल का तोहफा: सम्राट चौधरी अपने विधानसभा क्षेत्र तारापुर के दो दिवसीय दौरे पर थे. दूसरे दिन रविवार को अपने तय कार्यक्रम के अनुसार सबसे पहले हवेली खड़गपुर अनुमंडल के खैरा गांव पहुंचे, जहां सैकड़ों ग्रामीणों के साथ सबसे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री की "मन की बात" कार्यक्रम को सुना. उसके बाद हवेली खड़गपुर अनुमंडलीय अस्पताल परिसर स्थित 11.80 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित 100 शैय्या वाले अस्पताल में चिकित्सीय सेवा का शुभारम्भ किया.
झील के कैफेटेरिया में बैठक: उसके बाद वे खड़गपुर झील पहुंचे, जहां फीता काटकर नौका विहार का उद्घाटन सह शुभारंभ किया और हेलीकॉप्टर से खड़गपुर झील और भीम बांध का मुआयना किया. उसके बाद खड़गपुर झील के सौंदर्यीकरण को लेकर अधिकारियों से बात की. सम्राट चौधरी ने झील के कैफेटेरिया में कई विभागों के सचिवों के साथ बैठक कर जरूरी निर्देश दिए.
बैठक में कई विभागों के सचिव मौजूद: इस बैठक में बिहार के डीजीपी विनय कुमार सहित सभी विभागों के सचिव विधायक और अधिकारी मौजूद थे. अपने भाषण के दौरान उन्होंने कई योजनाओं सहित भीमबांध जंगल में पीपीई मोड पर वर्ल्ड लेवल के टूरिस्ट पैलेस बनाने पर जोर दिया. साथ ही कहा कि खड़गपुर झील, जहां गंगा से पानी पहुंचाने के लिए योजना पर कार्य प्रारंभ हो गया है और अब इस झील में पंप पावर स्टोरेज सिस्टम लगाएंगे.
भूकंपरोधी है अस्पताल भवन: 100 शैय्या की क्षमता वाला हवेली खड़गपुर अनुमंडलीय अस्पताल का निर्माण आईपीएचएस मापदंडों के अनुसार पूरा कराया गया है. इस परियोजना के भवन का संरचना भूकंपरोधी हैं और नेशनल बिल्डिंग कोड के मापदंडों के आधार पर फायर फाइटिंग/फायर अलार्म सहित निर्माण कराया गया है.
अस्पताल में सुविधा: इस अस्पताल में 3 शल्य कक्ष (ओटी), 6 शैय्या सहित आपातकालीन सेवा, 6 शैय्या गहण चिकित्सा इकाई/उच्च निर्भरता इकाई,8 वाह्य रोगी विभाग (ओपीडी),6 शैय्या का शिशु गहण चिकित्सा इकाई, 3 शैय्या का नवजात शिशु गहण चिकित्सा इकाई और 4 प्रसव कक्ष सहित अन्य सुविधाओं का प्रावधान है.
11.80 करोड़ रुपए की लागत: राज्य के स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा कुल 19 अनुमंडलीय अस्पताल की स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिसके अंतर्गत मुंगेर के हवेली खड़गपुर अनुमंडलीय अस्पताल के निर्माण कार्य के लिए कुल 11.80 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई.
सब्जी उत्पादकों को मिला तोहफा: कार्यक्रम के दौरान सम्राट चौधरी ने बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी योजना के अंतर्गत मुंगेर जिले की पांच प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों तारापुर, असरगंज, संग्रामपुर, टेटिया बंबर और हवेली खड़गपुर में आधारभूत संरचना निर्माण का शिलान्यास भी किया. उन्होंने कहा कि इस पहल से किसानों को बेहतर विपणन सुविधाएं मिलेंगी और उनकी आय में वृद्धि होगा.
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