राष्ट्रीय जंबूरी 2026: बालोद में दिखा मिनी इंडिया जैसा नजारा, राजस्थान दिवस ने लूटी महफिल
राजस्थानी खिलाड़ियों ने अपने पकवानों की प्रदर्शनी लगाई और अपने सांस्कृतिक लोक गायिकी और नृत्य से सबका दिल जीत लिया.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 11, 2026 at 12:27 PM IST
बालोद: राष्ट्रीय जंबूरी 2026 का आज तीसरा दिन है. जंबूरी के दूसरे दिन कल कई रंगारंग कार्यक्रम पेश किए गए. राजस्थान से आए रोवर और रेंजर्स ने अपना राजस्थान दिवस मनाते हुए राजस्थान की परंपरा को छत्तीसगढ़ के मंच पर रखा. राजस्थानी खिलाड़ियों ने अपने पकवानों की प्रदर्शनी लगाई और अपने सांस्कृतिक लोक गायिकी और नृत्य से सबका दिल जीत लिया.
राष्ट्रीय जंबूरी 2026, आज तीसरा दिन
आयोजन के दूसरे दिन बच्चों ने गन शूट, घुड़सवारी, जिपलाइन टायर चिमनी सहित कई एडवेंचर खेलों में अपना जौहर दिखाया. राजस्थान के खिलाड़ी शुभम ने बताया कि इस तरह के आयोजन उनको अच्छी ट्रेनिंग मिलती है, जो भविष्य में सेना और अर्धसैनिक बलों में जाने के लिए मदद करती है. सुभम ने बताया कि यहां का मौसम काफी अच्छा है. दिन में गर्मी रहती है, और रात के वक्त सर्दी बढ़ जाती है. शुभम ने छत्तीसगढ़ की तारीफ करते हुए कहा, यहां के लोग और यहां का क्लाइमेट दोनों हमें खूब पसंद आया.
श्रीलंका से पहुंचे विदेशी मेहमान अमन ने कहा कि हिंंदी उनको नहीं आती है, लेकिन यहां के लोग काफी मिलनसार हैं. अमन ने बताया कि उनकी टीम में कुल पांच लोग हैं. सभी लोग यहां अलग अलग इवेंट में पार्टिसिपेट कर रहे हैं. अमन ने भी छत्तीसगढ़िया और भारतीय संस्कृति की तारीफ की.
मनाया गया राजस्थान दिवस
राष्ट्रीय जंबूरी में शिरकत करने के लिए राजस्थान से 1200 से 1500 रोवर और रेंजर्स स्टॉफ सहित आए हुए हैं. राजस्थान से आए हुए खिलाड़ियों ने यहां धूमधाम के साथ राजस्थान दिवस मनाया. इस मौके पर राजस्थानी पकवानों की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई. इसके साथ ही राजस्थानी सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए गए, जिसे लोगों ने काफी पंसद किया.
रंगारंग कार्यक्रम के साथ स्वाद का तड़का
राजस्थान से पहुंचे गोलू शर्मा ने बताया कि हम लोगों ने यहां बाजरे का खीचड़ा, मूंग की रबड़ी सहित कई डिसेज बनाकर लोगों को चखाए, जिसे लोगों ने खूब पंसद किया. जंबूरी में शिरकत कर रही मीनाक्षी जैन और अंजली चौधरी ने कहा कि यहां आना अपने आप में अच्छा अनुभव है. यहां एक दूसरे के कल्चर और खान पान को सीखने और समझने का मौका हमें मिल रहा है. बच्चों ने बताया कि यहां आकर उन्होने समझा कि भारत संस्कृति, सभ्यता और खान पान के मामले में कितना समृद्ध है. बच्चों ने कहा कि इस तरह के कैंप लगते रहने चाहिए.
मिनी इंडिया का बालोद में नजारा
छत्तीसगढ़ राज्य स्काउट एवं गाइड के मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, यहां आपको एक मिनी इंडिया जैसा नजारा मिलेगा. हमने बेहतरीन व्यवस्था और सुविधाएं मुहैया कराई हैं. साफ सफाई से लेकर खाने पीने तक का लाजवाब इंतजाम किया गया है. सभी आए लोग एक दूसरे की जीवन शैली और परंपरा सीख रहे हैं. जो सामूहिक जीवन हम पहले जीया करते थे, उसका अनुभव ये लोग कर रहे हैं. आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में इस तरह का बढ़िया आयोजन कर हमने एक इतिहास रच दिया है.
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