हरियाणा-NCR में तेज़ी से बढ़ रहे इन कैंसर के केस, पीजीआई ऑन्कोलॉजिस्ट ने बताया बचने का तरीका
7 नवंबर को नेशनल कैंसर अवेयरनेस डे है. इस मौके पर ईटीवी भारत ने बात की पीजीआई चंडीगढ़ के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉक्टर राकेश कपूर से.

Published : November 6, 2025 at 8:27 PM IST
चंडीगढ़ : 7 नवंबर को देशभर में नेशनल कैंसर अवेयरनेस डे के तौर पर मनाया जा रहा है. देश में हर रोज कैंसर के मरीजों में तेज़ी से वृद्धि हो रही है. कहा जा रहा है कि 2040 तक हर साल देश में 7 लाख के करीब कैंसर के मरीज देखे जाएंगे. इसका कारण क्या है और कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या है, इसे लेकर ईटीवी भारत ने चंडीगढ़ PGI के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉक्टर राकेश कपूर से ख़ास बातचीत की.
नेशनल कैंसर अवेयरनेस डे : डॉक्टर राकेश कपूर ने बताया कि "नेशनल कैंसर अवेयरनेस डे इंडिया में मनाने की शुरुआत साल 2014 से की गई थी ताकि लोगों में कैंसर को लेकर जागरुकता आ सके. कैंसर होने के कारण क्या है और कौन-कौन से कैंसर लोगों को हो सकते हैं इसके बारे में लोगों को इस दिन जागरुक किया जाता है ताकि वे अपना खानपान और लाइफ स्टाइल सुधारे जिससे कैंसर जैसी बीमारी से वे बच सकें."
कौन से कैंसर के केस ज्यादा ? : उनके मुताबिक "भारत में अगर पुरुषों की बात करें तो 1 लाख लोगों में से 122-140 के करीब कैंसर के केस सामने आ रहे हैं, वहीं महिलाओं की बात करें तो एक लाख महिलाओं में से 106 से 135 वूमेन्स में कैंसर के केस सामने आ रहे हैं. चंडीगढ़, दिल्ली, महाराष्ट्र में ब्रेस्ट कैंसर के केस महिलाओं में कॉमन है, जबकि लंग्स कैंसर के केस पुरुषों में कॉमन है. नॉर्थ ईस्ट और उत्तरप्रदेश में मुंह के कैंसर काफी ज्यादा कॉमन हैं. पंजाब, हरियाणा हिमाचल, वेस्टर्न उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, लेह लद्दाख में मुंह, गले के कैंसर और फूड पाइप के कैंसर कॉमन हैं. यहां नंबर टू पर लंग्स कैंसर आता है. चंडीगढ़ और दिल्ली में ब्रेस्ट कैंसर के केस सबसे ज्यादा हैं. ग्रामीण पंजाब में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में सबसे ज्यादा है. हिमाचल में सर्वाइकल कैंसर नंबर वन है, जबकि ब्रेस्ट कैंसर नंबर टू है. हरियाणा के कुछ बेल्ट में ब्रेस्ट कैंसर कॉमन है.
क्या है कैंसर की वजह ? : आगे उन्होंने बताया कि "रीजनल इलाकों में खाने पीने का तरीका, दूसरे नंबर पर रहन-सहन का तरीका और तीसरे नंबर पर हमारे धार्मिक विश्वास यह कुछ मुख्य वजहें हैं. जिसकी वजह से महिलाओं में कैंसर ज्यादा देखा जा रहा है. वहीं अगर बात की जाए हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ की तो यहां पर लंग कैंसर की मुख्य वजह स्मोकिंग और पॉल्यूशन है. ब्रेस्ट कैंसर की बात की जाए तो इस तरह का कैंसर ज्यादातर डेवलपिंग सिटीज़ में देखा जा रहा है. बदलते समय के चलते महिलाओं ने अपने करियर को देखते हुए फैसले लिए हैं जिसकी वजह से लेट मैरिज करना और मैरिज ना करना उनके लिए ब्रेस्ट कैंसर जैसी स्थिति पैदा करता है. स्मोकिंग और अल्कोहल यूज़ ने भी ऐसे मामलों में बढ़ोत्तरी की है. 25 प्रतिशत कैंसर सिर्फ तंबाकू और शराब के चलते होते हैं."
अच्छे कैंसर सेंटर जाएं : डॉक्टर राकेश कपूर ने कहा कि "अगर आपको कैंसर हो गया है तो किसी ऐसे लोकल जगह पर ना जाए जो आपको चमत्कारिक रूप से ठीक करने का दावा करे. उन दवाईयों से बीमारी दब जाएगी, कुछ समय के लिए रुक जाएगी लेकिन ठीक नहीं होगी. जब तक आप पीजीआई या किसी अच्छे कैंसर सेंटर पहुंचेंगे, तब तक आपका कैंसर चौथे स्टेज तक पहुंच जाएगा. हमारे पास 70 प्रतिशत मरीज तीसरी या चौथी स्टेज के कैंसर में आते हैं. पहले अगर वे आ जाएं तो ठीक होने की संभावना ज्यादा रहती है. अर्ली स्टेज में ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, लिम्फोमा, कोलोन कैंसर के ठीक होने का रेट 90 टू 95 परसेंट हैं. अगर यही कैंसर फोर्थ स्टेज में आते हैं तो ठीक होने के चांस 5 परसेंट रह जाते हैं."
कैंसर से ऐसे बचिए : आप अपनी डाइट का ध्यान रखिए, फैट कम कंज्यूम करिए. फ्राइड फूड कम खाइए, आर्टिफिशियल कलर वाले फूड मत खाइए, स्मोकिंग, एल्कोहल, रेड मीट से दूर रहिए. ज्यादा से ज्यादा फ्रेश फ्रूट्स और वेजिटेबल्स कंज्यूम करिए. वॉकिंग और बाकी एक्सरसाइज़ से खुद को हेल्थी रखिए. इनसे ना सिर्फ डायबिटिज़ और हाईपरटेंशन से बच जाएंगे, बल्कि कैंसर से भी बच जाएंगे.
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