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खुशखबरी : घड़ियाल सेंचुरी से मुक्त हुआ हैंगिंग ब्रिज से कोटा बैराज तक का एरिया

डिनोटिफिकेशन से हैंगिंग ब्रिज से लेकर कोटा बैराज तक 732 हेक्टेयर का क्षेत्र राष्ट्रीय घड़ियाल अभयारण्य से मुक्त हुआ है.

National Board for Wildlife
चंबल नदी का विहंगम दृश्य (ETV Bharat Kota)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 3, 2026 at 9:34 AM IST

2 Min Read
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कोटा: चंबल नदी के किनारे बसे लाखों लोगों को बड़ी राहत मिली है. नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्डलाइफ (NBWL) ने हैंगिंग ब्रिज से लेकर कोटा बैराज तक के क्षेत्र को घड़ियाल अभयारण्य से डिनोटिफाइड कर दिया है. इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि लंबे समय से लोगों की मांग थी कि इस समस्या से निजात दिलाई जाए. इसके लिए वे लगातार प्रयास कर रहे थे, क्योंकि एक बड़ी आबादी विकास से पीछे रह रही थी. अब इस क्षेत्र में भी लोगों को पट्टे मिल सकेंगे और विकास के मामले में कोटा के अन्य हिस्सों के बराबर यहां काम हो सकेगा.

उन्होंने बताया कि इस डीनोटिफाइड क्षेत्र में दादाबाड़ी, शिवपुरा, किशोरपुरा, हनुमान बस्ती, वक्फ कॉलोनी और रावतभाटा रोड की सैकड़ों कॉलोनियां और बस्तियां शामिल हैं, जिन्हें अब परेशानी से मुक्ति मिलेगी. चंबल नदी के दोनों किनारों पर बसे लोगों के जमीन के पट्टों पर प्रतिबंध था, जिस कारण वे अपनी जमीन की खरीद-बिक्री नहीं कर पा रहे थे और नए निर्माण में भी समस्या थी. करीब डेढ़ लाख से ज्यादा लोग इस क्षेत्र में रह रहे हैं. अब वे अपने घरों के पट्टे जारी करवा सकेंगे और निर्माण कार्यों पर लगे कई तरह के प्रतिबंध भी हट जाएंगे.

पढ़ें: बजट के अभाव में अटका संगमेश्वर हैंगिंग ब्रिज का कार्य, ठेकेदार को नहीं हुआ पूरा भुगतान

732 हेक्टेयर क्षेत्र घड़ियाल अभयारण्य से मुक्त : बिरला ने बताया कि केंद्र सरकार की तरफ से काफी लंबी प्रक्रियाएं चलीं. इन प्रक्रियाओं के पूरे होने के बाद राजस्थान सरकार ने इस क्षेत्र को घड़ियाल अभयारण्य से मुक्त करने के आदेश 23 दिसंबर 2025 को जारी कर दिए थे. जिसके बाद राज्यपाल से भी प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है और अब इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई है. बिरला के अनुसार हैंगिंग ब्रिज से लेकर कोटा बैराज तक 732 हेक्टेयर का क्षेत्र राष्ट्रीय घड़ियाल अभयारण्य से मुक्त हुआ है. इसमें करीब 206 खातों पर लगा प्रतिबंध जल्द ही हट जाएगा. इससे किशोरपुरा के 208.56 हेक्टेयर, शिवपुरा के 320.33 हेक्टेयर, सकतपुरा के 186.36 हेक्टेयर, रामपुरा के 0.7 हेक्टेयर, गुमानपुरा के 3.93 हेक्टेयर और नयागांव के 12.12 हेक्टेयर क्षेत्र को मुक्ति मिलेगी.