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'एक बगिया मां के नाम' ने किया कंगाल, प्रभारी मंत्री की गाड़ी के सामने खड़ी हो गई महिला

नर्मदापुरम पहुंचे प्रभारी मंत्री राकेश सिंह उस समय चौंक गए, जब एक महिला उनकी गाड़ी के सामने खड़ी हो गई. अफसरों में मची अफरातफरी.

woman block minister car
प्रभारी मंत्री की गाड़ी के सामने खड़ी हो गई महिला (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : July 1, 2026 at 1:30 PM IST

2 Min Read
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नर्मदापुरम : ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के प्रति बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 'एक बगिया मां के नाम' योजना से महिला को भारी घाटा हुआ. अपनी समस्या सुनाने के लिए पीड़ित महिला पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह की गाड़ी सामने खड़ी हो गई.

मंत्री राकेश सिंह ने समस्या सुनी

मंगलवार को जनपद पंचायत कार्यालय में जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह नर्मदापुरम पहुंचे. वह सर्किट हाउस में भाजपा जिला कोर कमेटी की बैठक में भी शामिल हुए. इसके बाद कलेक्टर कार्यालय में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में पहुंचे. जब मंत्री बैठक के बाद जाने लगे तो अचानक गाड़ी के सामने एक महिला आ गई. उसके हाथ में आवेदन था और वह अपनी समस्या सुनाने की फरियाद अफसरों से करने लगी. मंत्री राकेश सिंह ने महिला की समस्या को इत्मीनान से सुना.

प्रभारी मंत्री राकेश सिंह को महिला ने सुनाई समस्या (ETV BHARAT)

न मानदेय मिला और न ही मजदूरी

प्रभारी मंत्री की गाड़ी रोकने वाली महिला सपना गोस्वामी ने बताया "वह ग्राम खरगावली में वर्ष 2023 से राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सेविका के रूप में काम कर रही हैं. वह बैंक सखी, कृषि सखी और पोषण सखी समेत कई जिम्मेदारियां निभा रही हैं. मुख्यमंत्री की एक बगिया मां के नाम योजना में उसने काम किया. इसका भुगतान 8 महीने से नहीं हुआ है. कृषि सखी के रूप में मैंने स्वयं ने पौधे लगवाए हैं. मुझे कोई मानदेय नहीं मिला है ना ही मजदूरी मिली है."

अब अगर सुनवाई नहीं हुई तो जान दे देगी

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मंत्री राकेश सिंह ने महिला की समस्या सुनी (ETV BHARAT)

महिला ने बताया "हमें बताया जाता है कि ऊपर से पैसा नहीं आ रहा है. हम गरीब इंसान हैं, दूसरे से पैसा लेकर हमने पौधे लगवाए हैं. हमने 17 हजार लिए थे, तार फेंसिंग भी लगाई. फसल भी लगाई गई. मूंग की फसल भी नष्ट हो गई. जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो वह मंत्री की गाड़ी के सामने खड़ी हो गई. अब भी अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह अपनी जान दे देगी." जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने बताया "महिला की शिकायत पहली बार सामने आई है. महिला को बुलाकर समस्या सुनेंगे और जल्द समाधान करेंगे."