बांधवगढ़ के जंगलों में दौड़ेंगे सतपुड़ा के 27 बायसन, टाइगर रिजर्व ने पूरी की तैयारियां
नर्मदापुरम के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से बांधवगढ़ भेजे जाएंगे 27 बायसन, 350 लोगों की टीम के साथ तैयारियों में जुटा सतपुड़ा रिजर्व.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 11, 2026 at 6:54 AM IST
नर्मदापुरम: सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में दूसरे फेस के 27 बायसन (इंडियन गौर) को भेजने की तैयारियां शुरू हो चुकी है. जिसके लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया से लेकर अन्य टाइगर रिजर्व तक एसटीआर ने समन्वय बना लिया है. इसे भेजने के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है. एसटीआर के मुताबिक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में दो फेस में 50 बायसान को भेजा जाना था.
पहले फेस में फरवरी 2025 में 23 बायसन को छोड़ा जा चुका है. इस बार 27 बायसन को भेजा जाएगा. इन्हें शिफ्ट करने के दौरान 350 कर्मचारी एक साथ काम करेंगे.
सतपुड़ा से बांधवगढ़ भेजे जाएंगे बायसन
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने बताया कि "27 बायसन इस फेस में जाने वाले हैं. कुल 50 बायसन जाने थे. जिसमें जो 23 बायसन फरवरी 2025 में भेजे गए थे. अब जो 27 बायसन हैं, उन्हें 20 जनवरी से 27 जनवरी के बीच भेजा जाएगा. उन्होंने बताया कि पहले संजय दुबरी टाइगर रिजर्व में 16 बायसन जून 2024 में शिफ्ट हुए थे. 23 बायसन फरवरी 2025 में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व भेजे गए थे, अब फिर से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 27 बायसन जनवरी 2026 में भेजे जाएंगे. इस प्रकार कुल 66 बायसन सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से भेजे जाएंगे.

बायसन भेजने 350 लोगों की टीम तैयार
उन्होंने बताया कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व चूरना और बोरी क्षेत्र से इन्हें भेजा जाएगा. इसके लिए तैयारियां की जा रही है. इसे पकड़ने से लेकर छोड़ने तक हमारा जो टेंटेटिव लिस्ट होता है, उसमें करीब 250 लोग लग जाते हैं. जो पूरी टीम में शामिल होते हैं. इसमें कुछ बाहर से, अन्य टाइगर रिजर्व से भी ट्रांसपोर्टेशन टीम एडिशनल होती है, इस प्रकार 300 से लेकर 350 तक की टीम इसमें लग जाती है.

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सतपुड़ा में दूसरे रिजर्व से ज्यादा बायसन
फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि जो तैयारी अभी तक की जा रही है. हम लोगों की जो टीम गठित होनी है, बेसिक टीम उनका डिसीजन हो चुका है और बांधवगढ़ और बाकी जो टाइगर रिजर्व है, जहां से हाथी और ट्रक प्राप्त होने है, उनसे समन्वय किया जा चुका है. WII (वाइल्ड लाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया) से भी समन्वय इसमें मुख्यालय से किया जा चुका है.

इसके अलावा मुख्यालय स्तर से भी तैयारियां की जा रही हैं. उन्होंने बताया कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में दूसरे टाइगर रिजर्व की अपेक्षा अच्छी संख्या है. इसलिए यहां से बायसन को भेजा जा रहा है, यहां पर हैबिटेट भी अच्छी है. सतपुड़ा में गौर और सांभर बहुत आयात में हैं."

