नरेला बनेगा दिल्ली का नया 'एजुकेशन हब': उपराज्यपाल ने GGSIPU और दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी को सौंपी 35 एकड़ भूमि
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नरेला को एक आत्मनिर्भर 'सब-सिटी' और विश्वस्तरीय 'एजुकेशन हब' के रूप में विकसित करना है.

Published : January 10, 2026 at 5:46 PM IST
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के शैक्षिक परिदृश्य में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया. दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने नरेला में 35 एकड़ से अधिक डीडीए भूमि का कब्जा औपचारिक रूप से गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) और दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी (DTeU) को सौंप दिया. इस अवसर पर शिक्षा मंत्री आशीष सूद विशेष रूप से उपस्थित रहे.
विजन से हकीकत तक: नरेला का कायाकल्प
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नरेला को एक आत्मनिर्भर 'सब-सिटी' और विश्वस्तरीय 'एजुकेशन हब' के रूप में विकसित करना है. नए परिसरों की स्थापना से न केवल दिल्ली के उच्च शिक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि बाहरी दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के छात्रों के लिए भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के द्वार खुलेंगे. एलजी ने इस अवसर पर कहा कि यह कदम नरेला को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक मॉडल उप-शहर बनाने के डीडीए के प्रयासों को गति प्रदान करेगा.
Oversaw the handing over of possession of over 35 acres of DDA land to Guru Gobind Singh Indraprastha University (GGSIPU) & Delhi Teachers’ University (DTeU) at Narela, in presence of Hon’ble Minister of Education, Shri Ashish Sood ji.
— LG Delhi (@LtGovDelhi) January 10, 2026
Setting up of new university campuses… pic.twitter.com/5zRFyN1mSx
राजनीतिक इच्छाशक्ति और बजटीय आवंटन
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने जानकारी दी कि भूमि का आवंटन जनवरी 2024 में ही कर दिया गया था, लेकिन पिछली सरकार के दौरान यह परियोजना अधर में लटकी रही. आरोप है कि तत्कालीन सरकार ने विश्वविद्यालयों के भूमि संबंधी अनुरोधों को नजरअंदाज किया और भुगतान करने से इनकार कर दिया था. गत वर्ष नई सरकार के कार्यभार संभालने के बाद इस दिशा में तेजी से काम हुआ. सरकार ने अपने पहले ही बजट में भूमि खरीद के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया. इस जमीन के एवज में दिल्ली सरकार ने डीडीए को 452 करोड़ का भुगतान कर दिया है. जबकि, वर्ष 2025-26 के संशोधित बजट अनुमान में 500 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुका है.
#WATCH दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा, " नरेला वर्ल्ड क्लास एजुकेशन सिटी का रस्ता रेखा गुप्ता की सरकार ने बहुत थोड़े समय में पार कर लिया है। हमारी सरकार ने आज उपराज्यपाल से साथ मिलकर ip विश्वविद्यालय और दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय के जमीन के अधिग्रहण के mou का आदान प्रदान… https://t.co/BNQCpo1RF6 pic.twitter.com/4XEi1y4jp1
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 10, 2026
शिक्षा और सामाजिक-आर्थिक विकास का आधार
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार विजन को क्रियान्वयन में बदलने के लिए संकल्पित है. उन्होंने रेखांकित किया कि ये नए कैंपस केवल इमारतें नहीं, बल्कि दिल्ली के उज्ज्वल भविष्य और सामाजिक-आर्थिक प्रगति की नींव हैं. शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि नरेला एजुकेशन सिटी में केवल इमारतें नहीं होगी, बल्कि यह ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस पर आधारित एक साझा (शेयरड) कैंपस मॉडल होगा, जिसमें आधुनिक लाइब्रेरी, अत्याधुनिक लैब्स, सेमिनार हॉल, ऑडिटोरियम और रिसर्च व इनोवेशन सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग हो और अधिक से अधिक छात्रों को इन सुविधाओं का सीधा लाभ मिल सके.
नरेला में बनाये जा रहे विश्वविद्यालय परिसरों में फैकल्टी और स्टाफ के लिए एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी और ईडब्ल्यूएस के फ्लैट के रूप में आवासीय सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी. साथ ही नरेला में विकसित होने वाले इन परिसरों में अत्याधुनिक डिजिटल लर्निंग सुविधाएं, शोध प्रयोगशालाएं और खेल परिसर होंगे. साझा सुविधाओं (जैसे लाइब्रेरी और ऑडिटोरियम) के उपयोग से संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाने की योजना है. इस पहल से नरेला में फुटफॉल बढ़ेगा, जिससे स्थानीय व्यापार और बुनियादी ढांचे के विकास को भी नई दिशा मिलेगी. विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा फ्लैट्स, हॉस्टल और अन्य सुविधाओं के निर्माण पर लगभग 567 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है.
उच्च और तकनीकी शिक्षा में ठोस कदम उठाए
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा, ''केवल 11 महीनों के छोटे से कार्यकाल में दिल्ली सरकार ने स्कूल शिक्षा के साथ-साथ उच्च और तकनीकी शिक्षा में भी क्रांतिकारी परिवर्तन की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं. यह परिवर्तन केवल विज्ञापन तक सीमित नहीं है, बल्कि ज़मीन पर दिखाई देने वाला वास्तविक बदलाव है.'' उन्होंने आगे कहा कि 9 जनवरी को दिल्ली में स्टार्टअप युवा फेस्टिवल का आयोजन भी प्रारंभ हो चुका है, जिसमें 750 से अधिक स्टार्टअप्स ने भाग लिया है. 14 जनवरी को मुख्यमंत्री और वरिष्ठ उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है. अमृत काल में अमृत पीढ़ी के लिए मजबूत, आधुनिक और भविष्य उन्मुख शिक्षा व्यवस्था तैयार करने की दिशा में यह कदम दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
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