नारायणपुर में मंत्री केदार कश्यप ने गिनाई वीबी जी राम जी योजना की खूबियां, कांग्रेस पर साधा निशाना
केदार कश्यप ने मनरेगा योजना के नाम परिवर्तन को लेकर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला और वीबी जी राम जी योजना की खूबियां गिनाईं.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 6, 2026 at 1:10 PM IST
|Updated : January 6, 2026 at 2:18 PM IST
नारायणपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिला के सर्किट हाउस में कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने प्रेस वार्ता की. उन्होंने कहा कि वीबी जी राम जी योजना के माध्यम से ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे.
बदलाव केवल नाम तक सीमित नहीं-केदार कश्यप
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जी राम जी योजना किए जाने पर कांग्रेस द्वारा सांप्रदायिक रंग देना दुर्भाग्यपूर्ण है. मंत्री ने कहा कि यह बदलाव केवल नाम तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे 2047 तक ग्रामीण भारत को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दूरदर्शी सोच है.
मंत्री ने कांग्रेस पर साधा निशाना
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को हर उस पहल से आपत्ति होती है, जिसमें प्रभु श्रीराम का नाम जुड़ा होता है. उन्होंने आरोप लगाया कि योजना में प्रभु रामचंद्र का नाम उपयोग किए जाने पर कांग्रेस की आपत्ति उनकी मानसिकता को दर्शाती है.मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता राजनीति नहीं बल्कि जनकल्याण है.
वीबी जी राम जी योजना पूर्व की मनरेगा योजना से कहीं अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी है. नई योजना के तहत रोजगार सृजन के साथ-साथ परिसंपत्तियों की गुणवत्ता, समयबद्ध भुगतान और जमीनी स्तर पर निगरानी को प्राथमिकता दी गई है- केदार कश्यप, मंत्री, छत्तीसगढ़
मंत्री ने गिनाई खूबियां
केदार कश्यप ने कहा कि पहले की मनरेगा योजना में जहां कई बार भ्रष्टाचार, फर्जी जॉब कार्ड और कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं, वहीं वर्तमान योजना में तकनीक आधारित निगरानी, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और पारदर्शी प्रक्रिया को लागू किया गया है.
यह योजना ग्रामीण मजदूरों, किसानों और जरूरतमंद वर्ग के लिए लाभकारी साबित होगी-केदार कश्यप, मंत्री, छत्तीसगढ़
विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में मजबूत कदम-केदार कश्यप
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि योजना का नाम परिवर्तन महज औपचारिकता नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका, बुनियादी ढांचे और स्वावलंबन को मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि साल 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में ग्रामीण भारत की भूमिका अहम है और इसी दिशा में यह योजना एक मजबूत कदम है.

