नारायणपुर-अंतागढ़ निर्माणाधीन सड़क कीचड़ में तब्दील, बस सेवाएं प्रभावित, ग्रामीणों ने की तत्काल मरम्मत की मांग
गड्ढे और कीचड़ से दुर्घटना का खतरा, यात्री बसों का संचालन भी बंद, आवश्यक वस्तुओं, खनिज तथा अन्य सामग्री के परिवहन पर भी असर

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 21, 2026 at 8:17 PM IST
नारायणपुर: अंतागढ़ से नारायणपुर के बीच निर्माणाधीन सड़क राहत से ज्यादा परेशानी साबित हो रही है. सड़क की स्थिति बदहाल और कीचड़ भरी हो गई है. इसे लेकर ग्रामीणों और समितियों ने प्रशासन से तुरंत मरम्मत की मांग की है. इसे लेकर एसडीएम अंतागढ़ और लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता अंतागढ़/नारायणपुर को आवेदन सौंपा गया है.
गड्ढे और कीचड़ से दुर्घटना का खतरा
अंतागढ़ से नारायणपुर तक सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन निर्माण कार्य योजनाबद्ध और व्यवस्थित तरीके से नहीं किए जाने के कारण बारिश के दौरान सड़क के कई हिस्से बेहद जर्जर हो गए हैं. जगह-जगह सड़क की स्थिति ऐसी हो गई है कि सामान्य वाहनों का आवागमन भी मुश्किल हो रहा है. भारी बारिश के बीच सड़क पर बने गड्ढे और इनमें कीचड़ सड़क के खराब हिस्से दुर्घटना की आशंका को भी बढ़ा रहे हैं.


यात्री बसों का संचालन बंद
राजाराव ग्राम माइंस श्रमिक विकास समिति, राजाराव बुढ़ादेव गोद ग्राम श्रमिक विकास समिति रावघाट ने इसकी मरम्मत करने की मांग की है. आवेदन के अनुसार कई बसें नारायणपुर तक न जाकर अंतागढ़ से ही वापस लौट रही हैं. इससे नारायणपुर और अंतागढ़ के बीच नियमित आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा कुछ अन्य बस सेवाओं पर भी असर पड़ा है. आवेदन में बताया गया है कि वर्तमान में केवल बस्तर ट्रेवल्स की दो से तीन गाड़ियां ही इस मार्ग पर संचालित हो रही हैं.


समिति का दावा है कि सड़क की लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए ये बस सेवाएं भी अगले एक-दो दिनों में बंद होने की कगार पर हैं. यदि ऐसा होता है तो अंतागढ़-नारायणपुर मार्ग पर यात्री परिवहन पूरी तरह ठप होने की स्थिति निर्मित हो सकती है. इसका असर सबसे ज्यादा दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और आम नागरिकों पर पड़ने की आशंका है.

निजी वाहन भी जोखिम में
अंतागढ़ से नारायणपुर आने-जाने वाले लोगों को निजी वाहनों पर निर्भर होना पड़ रहा है. वहीं खराब सड़क पर निजी वाहनों से यात्रा करना भी जोखिमपूर्ण हो गया है. सिर्फ यात्री परिवहन ही नहीं, बल्कि मालवाहक और भारी वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होने की बात आवेदन में कही गई है. ट्रक, हाइवा सहित अन्य भारी वाहन सड़क की खराब स्थिति के कारण आसानी से आवागमन नहीं कर पा रहे हैं. इससे क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं, खनिज तथा अन्य सामग्री के परिवहन पर सीधा असर पड़ने की बात समिति ने कही है.
अंतागढ़-नारायणपुर मार्ग केवल दो शहरों को जोड़ने वाली सड़क नहीं, बल्कि इस क्षेत्र के लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, व्यापार और दैनिक आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम है. ऐसे में सड़क की बदहाल स्थिति और लगातार प्रभावित हो रही बस सेवाएं क्षेत्रवासियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं.

