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बिहार में DM का बड़ा एक्शन, प्रभारी प्रधानाध्यापक को किया बर्खास्त

नालंदा में डीएम ने ऑनलाइन घूस लेने वाले प्रभारी प्रधानाध्यापक पर बड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है. पढ़ें पूरी खबर.

Nalanda headmaster suspended
जिलाधिकारी कुंदन कुमार (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : February 21, 2026 at 1:20 PM IST

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नालंदा: बिहार के नालंदा में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है. जिलाधिकारी कुंदन कुमार इन दिनों भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एक्शन में दिख रहे हैं. अभी अस्थावां प्रखंड के 5 CO पर सस्पेंशन का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि दो दिन बाद ही थरथरी प्रखंड के डीहा मध्य विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक पर एक्शन लिया गया है.

डीएम ने प्रभारी प्रिंसिपल को किया सस्पेंड: प्रभारी प्रधानाध्यापक अनिल कुमार (विशिष्ट शिक्षक) के द्वारा अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों से अवैध तरीके से फोन पे के माध्यम से 40 हजार और 10 हजार रुपए नगद लिए जाने की शिकायत मिली थी. मामले की जांच की गई तो आरोप सही पाए गए. जिसके बाज डीएम ने कार्रवाई करते हुए अनिल कुमार को बर्खास्त कर दिया है.

ऑनलाइन रिश्वत लेने का आरोप: शिकायत मिलने के बाद मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने साक्ष्य एवं अन्य दस्तावेज के आधार पर प्रभारी प्रधानाध्यापक अनिल कुमार को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के लिए आदेशित किया गया है. बता दें कि शेखपुरा के अहियापुर निवासी बलराम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन देकर आरोप लगाया था.

अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने के नाम पर रिश्वत: बलराम ने शिकायत में कहा था कि उनकी बेटी पुतुल कुमारी के पति मध्य विद्यालय थरथरी में प्रखंड शिक्षक के पद पर कार्यरत थे. उनकी मृत्यु के बाद आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नियोजन के लिए आवेदन स्वीकार करने के एवज में 50 हजार रुपए घूस की मांग की गई थी. प्रभारी प्रधानाध्यापक ने पे फोन से 40 हजार रुपए प्राप्त किए थे. इसका पूरा साक्ष्य विभाग को उपलब्ध कराया गया था.

दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान: किसी भी सरकारी सेवक द्वारा आधिकारिक कार्य के बदले रिश्वत की मांग की जाती है तो यह मामला बिहार सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत गंभीर कदाचार एवं भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है. ऐसे कर्मचारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है.

"जिला शिक्षा पदाधिकारी, नालंदा को निर्देशित किया गया है कि अपने कार्यालय के कार्य संस्कृति में गुणोत्तर सुधार व्यवस्था के तहत अपेक्षित कार्रवाई करना सुनिश्चित करें, ताकि कार्यालय कार्य त्वरित गति से ससमय संपादित किया जा सके."- कुंदन कुमार, जिलाधिकारी

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