किसकी गलती से बच्चों को MDM में नमक की जगह सर्फ परोसा गया? 4 सदस्यीय कमिटी करेगी जांच
मिड डे मील में नमक की जगह डिटर्जेंट परोसने पर नालंदा प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए जांच कमिटी गठित कर दी है. रिपोर्ट- महमूद आलम

Published : August 20, 2026 at 2:01 PM IST
नालंदा: मंगलवार को बिहार के नालंदा में एमडीएम में बड़ी लापरवाही सामने आई थी. परासी मध्य विद्यालय में नमक की जगह बच्चों के भोजन में सर्फ परोसा गया था. जिस वजह से कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी. अब इस मामले में प्रशासन कार्रवाई शुरू हो गई है. एक तरफ जहां हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया गया और तीन रसोइयों को पदमुक्त कर दिया गया, वहीं दूसरी तरफ जांच कमिटी का भी गठन कर दिया गया है.
जांच कमिटी का गठन: नालंदा डीएम उदिता सिंह ने कार्रवाई करते हुए सदर एसडीएम बिहार शरीफ किसलय श्रीवास्तव के नेतृत्व में 4 सदस्य टीम गठित कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है. जिसमें विद्यालय में मध्याह्न भोजन एकता शक्ति फाउण्डेशन के रामघाट, नगरनौसा स्थित केंद्रीयकृत रसोईघर से उपलब्ध कराया गया था.
नालंदा में 18 अगस्त की मध्याह्न भोजन घटना पर प्रशासन की कार्रवाई जारी, जांच समिति गठित
— जिला प्रशासन नालन्दा (@dmnalanda) August 20, 2026
• नालंदा जिले के नूरसराय प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय, परासी में 18 अगस्त 2026 को मध्याह्न भोजन खाने के बाद 34 बच्चे (17 छात्र एवं 17 छात्राएं) बीमार पड़ गए थे। सभी को सदर अस्पताल, बिहारशरीफ में…
प्रशासन का एक्शन: फिलहाल इस मामले में विद्यालय में कार्यरत तीन रसोइयों को कार्यमुक्त और प्रधानाध्यापक शैलेन्द्र कुमार को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई. मामले में संबंधित अधिकारियों एवं एकता शक्ति फाउण्डेशन के परियोजना प्रबंधक से कारण पृच्छा (कारण बताओ नोटिस) की गई है. इससे पहले प्रधानाध्यापक ने ही 18 अगस्त को नूरसराय थाने में अज्ञात दोषी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी.
किन लोगों पर गिरी गाज?: तीन रसोइयों मंटु देवी, शारदा देवी और निपु देवी को कार्य मुक्त कर दिया गया है, जबकि प्रधानाध्यापक शैलेंद्र कुमार को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई के अधीन किया गया है. इसके अलावे महेश प्रसाद (प्रखंड साधन सेवी नूरसराय), जितेंद्र कुमार (जिला कार्यक्रम प्रबंधक) शशांक सिन्हा (परियोजना प्रबंधक) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.
57 बच्चों की तबीयत बिगड़ी: नालंदा के सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह ने बताया कि मध्याह्न भोजन खाने से 57 बच्चों की तबीयत बिगड़ी थी. 35 को बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल और अन्य बच्चों का चंडी रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. सभी को डॉक्टरों की देखरेख में बेहतर इलाज के बाद रात को ही बीमार बच्चों के स्वस्थ होने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया था.
बच्चों ने क्या बताया?: सिविल सर्जन ने कहा कि बच्चों के इलाज के क्रम में पूछने पर बताया कि उन्होंने भोजन में नमक कम होने की बात कही था. जिसके बाद नमक की जगह डिटर्जेंट पाउडर दिया. जिसको खाने से पेट दर्द, उल्टी और सिर दर्द होने लगा.
"टोटल 57 बच्चे बीमार पड़े थे. सैंपल लिया गया है, अभी रिपोर्ट का इंतजार है. बच्चों ने बताया कि भोजन में नमक कम था. मांगने पर डिटर्जेंट की पोलिथीन ही लाकर दे दिया. नमक की जगह सर्फ मिले खाने से बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. सभी को पेट में दर्द होने लगा. हालांकि इलाज के बाद अब सभी ठीक हैं."- डॉ. जयप्रकाश सिंह, सिविल सर्जन, नालंदा
खाने में नमक की जगह सर्फ परोसा: नूरसराय मध्य विद्यालय, परासी में स्वयंसेवी संस्था एकता शक्ति फाउंडेशन के रामघाट, नगरनौसा स्थित केंद्रीयकृत रसोईघर के माध्यम से मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया गया था. भोजन करने के बाद स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न होने पर 35 बच्चों को 18 अगस्त को अपराह्न 2:15 बजे बिहार शरीफ सदर अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था.
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