हिमाचल में किसानों ने क्यों दी आत्मदाह की धमकी?
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं हुआ तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 14, 2026 at 8:13 PM IST
सोलन: हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन के नालागढ़ क्षेत्र में सब्जी मंडियां पिछले दो महीनों से बंद पड़ी हैं. सल्लेवाल गांव के पास, सैनी माजरा और न्यू नालागढ़ में लगने वाली किसान मंडियों के बंद होने से सैकड़ों किसान और प्रवासी मजदूर आर्थिक संकट में हैं. अब हालात ऐसे बन गए हैं कि किसानों ने आत्मदाह तक की चेतावनी दे डाली है.
दो महीने से बंद हैं मंडियां
किसानों का कहना है कि बिना किसी ठोस कारण के मंडियां बंद कर दी गईं, जबकि बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ के अन्य इलाकों में सब्जी मंडियां नियमित चल रही हैं. मंडियां बंद होने से स्थानीय किसानों की सब्जियां खेतों में ही खराब हो रही हैं या उन्हें औने-पौने दाम पर बेचना पड़ रहा है.
रोजमर्रा का खर्च बन गया चुनौती
किसान विजय राणा ने बताया, "पिछले दो महीनों से वे डीसी सोलन और एसडीएम नालागढ़ से मिलकर मंडियां खोलने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. प्रवासी मजदूर, जो ठेके पर जमीन लेकर खेती करते हैं, उनकी फसल सड़ रही है और आय का कोई साधन नहीं बचा." वहीं, किसान कमल चंद और बलवीर सिंह ने कहा, "किराया, बच्चों की स्कूल फीस, गाड़ी की किस्त और घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है. हालात इतने खराब हैं कि परिवार को दो वक्त की रोटी देना भी कठिन हो गया है."
आत्मदाह की चेतावनी
किसानों ने डीसी सोलन मनमोहन शर्मा से मुलाकात कर तुरंत मंडियां खोलने की मांग की. हालांकि डीसी ने फूड इंस्पेक्टर और एसडीएम से रिपोर्ट मंगाने की बात कही है. किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं हुआ तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे. उन्होंने कहा कि बच्चों को भूखा देखने से बेहतर है कि वे एसडीएम कार्यालय के बाहर आत्मदाह कर लें.
यह मामला अब नालागढ़ क्षेत्र में बड़ा मुद्दा बन चुका है. किसान संगठन और स्थानीय लोग एकजुट होकर मंडियां खोलने की मांग कर रहे हैं. प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि वह जल्द फैसला ले, ताकि किसानों की रोजी-रोटी फिर से शुरू हो सके.
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