उत्तराखंड में अतिक्रमण मामले पर हाईकोर्ट ने तमाम सचिवों से मांगी रिपोर्ट, इस केस पर भी सुनवाई
हल्द्वानी के दमुवाढूंगा में देवखड़ी नाले पर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई से पहले दिया जाएगा सुनवाई का दो और मौका, अतिक्रमण पर हाईकोर्ट सख्त

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : December 30, 2025 at 10:36 PM IST
नैनीताल: उत्तराखंड की सड़कों, नालों, सिंचाई, वन भूमि, राष्ट्रीय राजमार्गों, नगर पंचायत की भूमि, नगर पालिका की भूमि व नगर निगम की भूमि पर हुए अतिक्रमण के मामले पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए राज्य सरकार के सचिव सिंचाई, सचिव लोक निर्माण, सचिव वन समेत गृह सचिव से रिपोर्ट मांगी है.
हाईकोर्ट ने 8 जनवरी तक यह बताने को कहा है कि जहां-जहां सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हुआ है, उसको चिन्हित करने के लिए जिओ मैपिंग कैसे की जा सकती है? उस पर अपनी रिपोर्ट कोर्ट में 8 जनवरी से पहले पेश करें. अब पूरे मामले की अगली सुनवाई 8 जनवरी को होगी.
दरअसल, यह मामला नैनीताल के पदमपुरी क्षेत्र में वन विभाग की भूमि और सड़क किनारे हुए अतिक्रमण से जुड़ा है, जिसकी शिकायत दिल्ली निवासी एक व्यक्ति ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर की थी. कोर्ट ने इस पत्र को जनहित याचिका में बदल कर सुनवाई शुरू की.
कोर्ट ने सरकार से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों और डीएफओ को निर्देश देकर कहा था कि अतिक्रमण को हटाकर रिपोर्ट पेश करें, लेकिन अभी तक उस आदेश का अनुपालन नहीं किया गया. जबकि, हाईकोर्ट ने 17 अक्टूबर 2023 को यह आदेश दिया था.
देवखड़ी नाले पर अतिक्रमण मामले पर भी सुनवाई: हल्द्वानी के दमुवाढूंगा में देवखड़ी नाले पर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई से पहले राज्य सरकार उन्हें सुनवाई का दो और मौका देगी. उनका पक्ष सुनने के बाद ही अगली कार्रवाई अमल में लाएगी. न्यायमित्र अधिवक्ता आदित्य प्रताप सिंह की ओर से यह बात मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष रखी गई.
बता दें कि नैनीताल हाईकोर्ट में देवखड़ी नाले पर अतिक्रमण के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. न्यायमित्र अधिवक्ता की ओर से कहा गया कि सरकार अतिक्रमणकारियों को सुनवाई का पर्याप्त मौका दे रही है. जनता का पक्ष जानने के लिए विगत 26 दिसंबर को एक जन सुनवाई हो चुकी है. इसमें 140 अतिक्रमणकारियों में से 102 पीड़ितों की ओर से अपना पक्ष रखा गया.
इनमें से कुछ लोगों ने अपना दावा पेश करने के लिए और समय की मांग की है. उन्होंने कहा कि अतिक्रमणकारियों का पक्ष जानने के लिए दो और जनसुनवाई की आवश्यकता बताई. आखिर में अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए 7 जनवरी की तिथि रखी है.
दरअसल, सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत गौनिया के पत्र का संज्ञान लेते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने इस मामले में जनहित याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया है कि हल्द्वानी में तीन पानी से काठगोदाम तक सड़क मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य प्रस्तावित है. देवखड़ी नाले पर अतिक्रमण के चलते चौड़ीकरण का कार्य प्रभावित हुआ है. कुछ व्यावसायिक संस्थानों को फायदा पहुंचाया गया है, ऐसे में अतिक्रमण को हटाया जाए.
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