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देहरादून में बोर्ड लगा था 'इस कब्रिस्तान में बाहरी शव दफन नहीं होंगे', हाईकोर्ट ने तत्काल हटाने का दिया आदेश

मोरोवाला कब्रिस्तान कमेटी ने बोर्ड लगाकर वहां की कब्रगाह में बाहरी लोगों के शव दफनाने पर प्रतिबंध लगाया था

MOROWALA CEMETERY IN DEHRADUN
नैनीताल हाईकोर्ट (File Photo- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : July 8, 2026 at 7:54 AM IST

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नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून के मोरोवाला में कब्रिस्तान की कमेटी के द्वारा कब्रिस्तान की भूमि पर अपने चेहतों के अलावा किसी अन्य शवों को दफन पर लगाई रोक के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका को निस्तारित करते हुए जिलाधिकारी देहरादून को महत्वपूर्ण आदेश दिया है.

मोरोवाला कब्रिस्तान को लेकर हाईकोर्ट का आदेश: हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी को आदेश दिया है कि कब्रिस्तान में कमेटी द्वारा लगाए गए बोर्ड को तत्काल हटाया जाए. साथ ही ये सुनिश्चित करें कि वहां पर शवों को दफनाने से क्यों रोका जा रहा है. इस पर विधि अनुसार निर्णय लें. मामले की सुनवाई वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में हुई.

स्थानीय कमेटी ने बाहरी लोगों के शव दफनाने पर प्रतिबंध लगाया था: मामले के अनुसार देहरादून निवासी अख़्तर हुसैन ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा है कि देहरादून के क्लेमेंटाउन मोरोवाला के कब्रिस्तान में स्थानीय कमेटी ने बाहरी लोगों के शव दफनाने पर आपत्ति जताते हुए रोक लगा दी है. साथ में साइन बोर्ड भी लगाकर कहा है कि बाहरी लोगों को यहां शव दफन करने की अनुमति नहीं है. अख्तर हुसैन ने कहा कि ये भारतीय सविधान में नागरिकों को दिए गए अधिकारों का उल्लंघन है.

याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से ये मांग की थी: याचिकाकर्ता का कहना है कि वे कई वर्षों से यहां पर रह रहे हैं. उनके पूर्वजों को भी इसी कब्रिस्तान में दफन किया गया है. अब एक स्थानीय कमेटी के द्वारा मोरोवाला कब्रिस्तान में बोर्ड लगाकर शव दफनाने पर रोक लगा दी गई है. यह कहा जा रहा है कि इस कब्रगाह में उनके ही लोग दफन किये जा सकेंगे, अन्य लोग नहीं. याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की है कि स्थानीय कमेटी द्वारा की जा मनमानी पर रोक लगाने के साथ ही उन्हें शवों को दफनाने की इजाजत दी जाए.
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