'ये न्यायालय है, कोई फिल्म नहीं...' सिरौली कलां नगर पालिका चुनाव मामले पर हाईकोर्ट की टिप्पणी, जानिए मामला
किच्छा के सिरौली कलां में नगर पालिका चुनाव न कराने के मामले पर सुनवाई, हाईकोर्ट ने की तल्ख टिप्पणी

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : May 6, 2026 at 10:55 PM IST
नैनीताल: किच्छा के सिरौली कलां नगर पालिका का चुनाव अभी तक नहीं कराने को लेकर दायर जनहित याचिका समेत अन्य मामलों पर नैनीताल हाईकोर्ट ने एक साथ सुनवाई की. मामले में आज चुनाव आयोग के सचिव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से पेश हुए. सुनवाई के दौरान उनकी ओर से शपथ पत्र पेश कर कहा गया कि आयोग चुनाव कराने में सक्षम है, लेकिन कुछ समस्या बाधित कर रही है. जिस पर कोर्ट संतुष्ट नहीं हुई.
हाल ही में उनकी ओर से कोर्ट में पेश किए गए वीडियो क्लिप को भी देखा गया. जिसमें विपक्ष की तरफ से कहा गया था कि 'केस वापस ले लो, न्यायालय में तारीख पर तारीख मिलती है.' जिस पर आज कोर्ट ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि 'इस मामले में कोर्ट तारीख पर तारीख न देकर हर हफ्ते सुनवाई कर रही है, उसके बाद भी न्यायालय की गरिमा को ठेस पहुंचाया जा रहा है, ये न्यायालय है, कोई फिल्म नहीं.'
कोर्ट का कहना था कि 'मामले में सभी पक्षकारों को सुनकर न्यायालय अपना निर्णय देगी. न्यायालय सबके लिए खुला है. किसी को भी न्यायालय की शरण लेने से वंचित नहीं किया जा सकता. निर्णय कोर्ट ही देगी. कोई पार्टी या पक्षकार किसी को कोर्ट में अपनी बात रखने से रोक नहीं सकती.' आज मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ में हुई.
क्या है मामला? बता दें कि किच्छा के सिरौली कलां ग्राम निवासी मोहम्मद याशीन समेत अन्य ने नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि किच्छा नगर पालिका के विस्तारीकरण साल 2018 में हुआ था. जिसमें बाद में सिरौली कलां, बंडिया, देवरिया समेत आजाद नगर को शामिल किया गया था.
साल 2018 में ही नगर पालिका के चुनाव हुए, जिसमें सिरौली कलां क्षेत्र में 3 वार्ड 18, 19 और 20 के साथ कुछ क्षेत्र वार्ड नंबर 17 को भी शामिल किया गया, फिर हटा दिया गया. बाद में कोर्ट के आदेश पर फिर शामिल कर दिया गया. जबकि, सिरौली कलां नगर पालिका किच्छा में बीती 6 सालों से शामिल है और नगर पालिका इस क्षेत्र में करीब 5 करोड़ रुपए के विकास कार्य कर चुका है.
अब वर्तमान में सिरौली कलां को किच्छा नगर पालिका से अलग किया जा रहा है, जिसका सिरौली कलां क्षेत्रवासी विरोध करते हैं. वो चाहते हैं कि सिरौली कलां को नगर पालिका में ही रखा जाए और उनके यहां भी अन्य नगर पालिकाओं का कार्यकाल समाप्त होने के बाद तुरंत चुनाव कराए जाएं. जबकि, कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी प्रशासक पालिका का कार्यभार सभाले हुए हैं, जिसकी वजह से उनके कई काम नहीं हो पा रहे हैं.
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