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नैनीताल हाईकोर्ट पहुंचा किच्छा खान फार्म विवाद, सुरक्षा मुहैया कराए को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई

सुर्खियों में उत्तराखंड के किच्छा का खान फार्म, सायरा वाड्रा-नसरीन सांगा के बीच है विवाद, हाईकोर्ट की टेबल पर पहुंचा मामला, जानिए क्या हुआ?

Nainital High Court
नैनीताल हाईकोर्ट (फोटो- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : July 3, 2026 at 7:57 PM IST

3 Min Read
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नैनीताल: उधम सिंह नगर जिले के किच्छा में पिपलिया मोड़ स्थित कुलसुम खान फार्म पर कब्जा का मामला नैनीताल हाईकोर्ट पहुंच गया है. मामले में फार्म में मौजूद महिलाएं, बच्चों और बेजुबान पशुओं को सुरक्षा मुहैया कराए जाने को लेकर याचिका दायर की गई है. जिस पर आज सुनवाई हुई.

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने एसडीएम समेत संबंधित एसएचओ को कोर्ट में सोमवार यानी 6 जुलाई को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए हैं. साथ ही कोर्ट ने सिविल कोर्ट के आदेश 11 जून 2026 का सख्ती से अनुपालन करने को कहा है.

क्या है मामला? दरअसल, सिकंदर आलम खान ने नैनीताल हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है. जिसमें उन्होंने कहा है कि उधम सिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र के पिपलिया मोड़ पर कुलसुम खान फार्म है. जिसमें प्रथम पक्ष कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की जेठानी सायरा वाड्रा है. इसी फार्म का दूसरा पक्ष नसरीन सांगा हैं.

अब दोनों ही पक्ष इस फार्म पर अपना अधिकार बता रही हैं. जबकि, यह फार्म हाउस उनकी बुआ कुलसुम खान का है. कुलसुम खान ने अपनी यह वसीयत सायरा और उनके चचरे भाई सिकंदर आलम खान के नाम साल 2024 में की थी. बुआ की मौत 18 दिसंबर 2025 को हो गई थी.

जैसे ही इसकी खबर दूसरे पक्ष (बुआ की बहन) को लगी, तो वो 6 लोगों के साथ इसपर कब्जा करने के लिए आ गए. आरोप है कि प्रसाशन की मिलीभगत से फार्म पर कब्जा कर लिया गया. वहां पर रह रहे पुरूषों को बाहर कर दिया. जबकि, महिलाओं, बच्चों और बेजुबानों को बाहर जाने पर रोक लगा दी.

आरोप है कि उनके साथ इनकी ओर से अभद्रता की जा रही है. वे बीते तीन दिनों से अंदर ही बंद हैं. इस संबंध में उनकी ओर से प्रशासन से बात की गई और कहा कि उनके पास ओरिजिनल रजिस्टर्ड वसीयत है. उनको 11 जून 2026 को सिविल कोर्ट से इस मामले में स्टे मिला है.

उनका कहना है कि आदेश की प्रति भी दिखाई गई, लेकिन प्रशासन और दूसरे पक्ष के लोग कोर्ट के आदेश को नहीं माना. दूसरा पक्ष नसरीन सांगा को कब्जा दिला दिया. याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि इस मामले में हस्तक्षेप कर उन्हें न्याय दिलाया जाए. क्योंकि, कोर्ट के आदेश की अवहेलना हुई है. अब मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी.

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