उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ हल्द्वानी की अवमानना याचिका पर सुनवाई, हाईकोर्ट ने इनसे मांगा जवाब
नैनीताल हाईकोर्ट में उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ हल्द्वानी की अवमानना याचिका पर सुनवाई की.कोर्ट ने सचिव वित्त व सचिव कार्मिक को पक्षकार बनाया है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 24, 2026 at 5:00 PM IST
नैनीताल: उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ हल्द्वानी की अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई के बाद संघ की ओर से पेश किए गए प्रार्थनापत्र के आधार पर न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एकलपीठ ने सचिव वित्त व सचिव कार्मिक को पक्षकार बनाया है. साथ ही उन्हें नोटिस जारी कर उनसे पूर्व में दिए गए निर्णय का अनुपालन न करने के आधार पर अपना जवाब पेश करने को कहा है. अब मामले में अगली सुनवाई 12 मार्च को होगी.
क्या है पूरा मामला? बता दें कि नवंबर 2025 को हुई सुनवाई के दौरान उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ की तरफ से कोर्ट के सामने कहा गया था कि खंडपीठ की ओर से पारित आदेश का अनुपालन अभी तक राज्य सरकार ने नहीं किया. राज्य का प्रशासन उस आदेश का अनुपालन करने में अपनी अभी भी असमर्थता जता रहा है.
इस पर कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि उपनल कर्मचारियों को पहले समान कार्य समान वेतन दिया जाए. उनके वेतन पर लगने वाले जीएसटी को न वसूला जाए और उन्हें नियमितीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाए, लेकिन कोर्ट के आदेश कि अवहेलना करने के बाद भी सरकार ने जो हलफनामा पेश किया, वो हाईकोर्ट के आदेश के विपरीत है.
प्रार्थना पत्र में मुख्यमंत्री से प्रार्थना की गई है कि हाईकोर्ट के आदेशों का अनुपालन करवाया जाए. आदेश होने के बाद यदि संबंधित अधिकारी 2025 की नियमावली का अनुपालन नहीं करते हैं तो पूरा उपनल कर्मचारी संघ इस नीति के खिलाफ है. इस प्रकरण पर मुख्यमंत्री का संज्ञान लेना अति आवश्यक है.
आज यानी 24 फरवरी को संविदा कर्मचारी संघ के अधिवक्ताओं ने कोर्ट के समक्ष वाद को मेंशन करते हुए कहा कि पूर्व में कोर्ट की खंडपीठ ने उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण के संबंध में एक आदेश जारी किया था, लेकिन इस आदेश पर अब तक राज्य सरकार की तरफ से कोई निर्णय नहीं लिया गया, न ही इसे हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में लाया गया है.
पूर्व में संघ की ओर से पेश हुए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता ने इस अवमानना याचिका पर (उत्तराखंड उपनल कर्मचारी संघ बनाम आनंद बर्धन मुख्य सचिव उत्तराखंड) की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की मांग की गई थी. फिलहाल, कोर्ट ने सचिव वित्त व सचिव कार्मिक को नोटिस देकर जवाब मांगा है.
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