ETV Bharat / state

बीएलओ ड्यूटी में तैनात कर्मचारी का निलंबन आदेश निरस्त, हाईकोर्ट ने दी अहम व्यवस्था

निकाय चुनाव की मतदाता सूची तैयार करने के दौरान लापरवाही के आरोप में कनिष्ठ सहायक को किया गया था निलंबित, हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत

Nainital High Court
नैनीताल हाईकोर्ट (फोटो- ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : January 2, 2026 at 10:12 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

नैनीताल: उत्तराखंड में राज्य सरकार के कर्मचारियों के निलंबन को लेकर हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है. न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने बीएलओ ड्यूटी में लगे सिंचाई विभाग उत्तरकाशी में कार्यरत एक कनिष्ठ सहायक के निलंबन आदेश को निरस्त कर दिया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि निलंबन आदेश में यह उल्लेख नहीं है कि आरोपी पर लगने वाले आरोप 'गंभीर' श्रेणी का है, उनमें बड़ा दंड दिया जा सकता है तो ऐसा आदेश कानूनी रूप से टिकने योग्य नहीं है.

बीएलओ ड्यूटी में तैनात कर्मचारी के निलंबन से जुड़ा है आदेश: दरअसल, मामला उत्तरकाशी के पुरोला स्थित सिंचाई खंड का है. जहां कनिष्ठ सहायक को निकाय चुनाव की मतदाता सूची तैयार करने में लापरवाही के आरोप में 5 दिसंबर 2025 को निलंबित कर दिया गया था. इस आदेश को याचिकाकर्ता ने नैनीताल हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने 'उत्तराखंड सरकारी सेवक नियमावली 2003' के नियम 4(1) का हवाला दिया. इस नियम के अनुसार, किसी भी कर्मचारी को निलंबित करते समय आदेश में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख करना अनिवार्य है कि उसके विरुद्ध आरोप इतने गंभीर हैं कि सिद्ध होने पर उसे बड़ी सजा दी जा सकती है.

कोर्ट ने निलंबन आदेश को माना दोषपूर्ण, तत्काल प्रभाव से किया रद्द: वर्तमान मामले में विभाग की ओर से जारी आदेश में इस वैधानिक शर्त का पालन नहीं किया गया था. लिहाजा, इस तकनीकी खामी के कारण कोर्ट ने निलंबन आदेश को दोषपूर्ण माना और उसे तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया.

उत्तराखंड के मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र 9 जनवरी को होंगे रिटायर: उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुहानाथन नरेंद्र आगामी 9 जनवरी को अपने पद से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं. हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल योगेश कुमार गुप्ता की ओर से जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया जाएगा. इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

मुख्य न्यायाधीश को सम्मानजनक विदाई देने के लिए 9 जनवरी यानी शुक्रवार को शाम 3:30 बजे मुख्य न्यायाधीश के कोर्ट कक्ष में 'फुल कोर्ट फेयरवेल रेफरेंस' का आयोजन किया जाएगा. इस दौरान हाईकोर्ट के सभी न्यायाधीश, बार काउंसिल के पदाधिकारी और वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल होकर न्यायमूर्ति नरेंद्र के कार्यकाल और उनके योगदान को याद करेंगे.

ये भी पढ़ें-