सागर के औद्योगिक क्षेत्र मसवासी ग्रांट में निवेश की बारिश, फूड प्रोसेसिंग व टेक्सटाइल्स पर फोकस
नागपुर-ग्वालियर इंडस्ट्रियलय कॉरिडोर सागर और आसपास के जिलों के लिए वरदान बना. औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने आगे आए उद्योगपति.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : May 22, 2026 at 7:47 PM IST
सागर : देश के 11 इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में से एक नागपुर-ग्वालियर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत सागर में विकसित किए जा रहे मसवासी ग्रांट इंडस्ट्रियल एरिया से बुंदेलखंड में औद्योगिक विकास की नई तस्वीर उभरती नजर आ रही है. यहां निवेश के लिए उद्योगपतियों को मिल रही सुविधाएं और छूट के चलते देश के कई बडे उद्योगपतियों ने रुचि दिखाई है. खासकर नवकरणीय ऊर्जा, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल जैसी इंडस्ट्री लगाने के लिए देश के कई औद्योगिक नगरों के उद्योगपति रुचि दिखा रहे हैं. सागर कलेक्टर ने औद्योगिक केंद्रों की समीक्षा बैठक में ये जानकारी दी.
उद्योगपतियों की समस्याएं तुरंत हल होंगी
सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने उद्योग विभाग, एमपीआईडीसी एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की समीक्षा बैठक ली. इसमें उद्योगपति, औद्योगिक संगठनों के साथ संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग के लिए प्रोत्साहन हेतु सभी प्रचार-प्रसार किया जाए और उद्योगपतियों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं, जिससे निवेश के साथ उद्योग स्थापित हो सकें. उद्योगपतियों की समस्याओं के निराकरण को प्राथमिकता दें. समस्याओं की सूची बनाकर जिला स्तर पर निराकरण लायक समस्याओं को हल करें. राज्य शासन स्तर की समस्याओं को पत्र के माध्यम से सूचित कर निराकरण कराया जाए.
मसवासी ग्रांट औद्योगिक क्षेत्र का प्रजेंटेशन
समीक्षा बैठक में मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम के प्रबंधक पी.के. उपाध्याय ने सागर में विकसित किए जा रहे मसवासी ग्रांट औद्योगिक क्षेत्र को लेकर प्रजेंटेशन दिया. उन्होंने बताया "यहां सरकार द्वारा औद्योगिक निवेश के लिए 1 रुपये प्रति वर्गमीटर प्रीमियम, 1 रुपये प्रति वर्गमीटर लीज रेंट एवं विकास शुल्क 20 समान वार्षिक किस्तों में जमा करवाकर भूमि आवंटित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है. यहां स्थापित होने वाली इकाइयों को सरकार ने तय सुविधाओं के अलावा 5 साल तक विद्युत शुल्क में छूट एवं 100 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी एवं पंजीयन शुल्क की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया है."
भविष्य में औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए नजदीकी 5 ग्राम बेलखादर, कुढ़ई, कुडरी, बहेरिया साहनी एवं गढ़ोलीकला में 319.19 हेक्टेयर भूमि चयनित की गई है. उद्योग विभाग द्वारा कलेक्टर को मसवासी ग्रांट में जल संसाधन विभाग से जल आवंटन जरूरत बताई गई. जिस पर कलेक्टर ने विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा.
उद्योगपतियों ने इन क्षेत्रों में निवेश के लिए दिखाई रुचि
नागपुर ग्वालियर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत विकसित किए जा रहे औद्योगिक क्षेत्र मसवासी ग्रांट में 608.92 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर विकास किया जा रहा है. इस औद्योगिक क्षेत्र में बहुउत्पाद, वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के निवेशकों ने रुचि दिखाई है. प्रमुख निवेशकों में यूनिक सन पावर प्रा.लि. (सूरत, गुजरात), विवग्यो इनर्जी इन्फ्राटेक प्रा.लि. (जोधपुर, राजस्थान), ए.बी. फैब्रिक्स (लुधियाना, पंजाब), गोकुलदास एंड संस (भोपाल) और दावत राइस जैसे उद्योग शामिल हैं.
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उद्योग संगठन और उद्योगपतियों ने बताई समस्याएं
बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक, क्षेत्रीय अधिकारी, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एनआरएलएम, नगर एवं ग्राम निवेश एवं हथकरघा विभाग के अधिकारियों के अलावा उद्योगों के प्रतिनिधित्व के तौर पर लघु उद्योग भारती, फ्लाई ऐश ब्रिक्स एसो., सागर टिम्बर एंड फर्नीचर क्लस्टर एसो, DICCI, उद्योग संघ सिद्धगुवां के उद्यमियों एवं उद्योग संघ के पदाधिकारियों ने उद्योग संचालन में आ रही समस्याएं रखीं और अपने सुझाव भी पेश किए.
कलेक्टर द्वारा संबंधित विभागों को समस्याओं के निराकरण हेतु निर्देश दिए गए. तय किया गया कि समीक्षा बैठक प्रत्येक तिमाही में आयोजित की जाए, जिससे उद्यमियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई की भी समीक्षा सुनिश्चित हो सके.

