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नागौर सांसद का तंज- भजनलाल को दिल्ली बदलना चाहती है, लेकिन सीएम बनाएं किसे ?

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने आरोप लगाया कि राजस्थान में भ्रष्ट अधिकारियों का कॉकस बना हुआ है. कानून-व्यवस्था पूरी तरह से वेंटिलेटर पर है.

Nagaur MP Hanuman Beniwal
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल (ETV Bharat Jodhpur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 6, 2026 at 5:35 PM IST

2 Min Read
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जोधपुर: नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली उन्हें हटाना चाहती है, उनके काम से संतुष्ट नहीं है, लेकिन भाजपा नेतृत्व के सामने समस्या यह है कि हटाने के बाद सीएम किसे बनाएं?. जोधपुर एम्स की गवर्निंग बॉडी की बैठक में भाग लेने आए बेनीवाल ने मंगलवार को जोधपुर सर्किट हाउस में कहा कि राजस्थान में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से वेंटिलेटर पर है. भजनलाल सरकार ने हर उस पुलिसवाले को पोस्टिंग का इनाम दिया है, जिन्होंने गहलोत सरकार के समय लोगों के फोन रिकॉर्ड किए थे.

जोधपुर ग्रामीण एसपी नारायण टोगस को लेकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा पत्र लिखे जाने पर बेनीवाल ने कहा कि 'मैंने पत्र लिखा तब नागौर से हटा दिया था, अब क्या हुआ मुझे पता नहीं है. मेरा बस चले तो उन्हें घर बैठा दूं, लेकिन चल नहीं रहा है'.

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल (ETV Bharat Jodhpur)

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15 गुट बने हैं, किसे बनाएं सीएम: बेनीवाल ने भजनलाल शर्मा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली वाले सीएम बदलना चाहते हैं, लेकिन यहां 15 गुट बने हुए हैं, सीएम बनाएं किसे? भजनलाल से दिल्ली वाले खुश नहीं हैं. इनकी कार्यशैली, इनके बयान से नाराज हैं. जिस तरह का कॉकस ब्यूरोक्रेसी का बनाया गया है, उसमें भ्रष्टाचार और जमीनों के घोटाले करने वालों को लगाया गया है. वह गहलोत सरकार में कॉल रिकॉर्ड करते थे, इससे दिल्ली वाले नाराज हैं. ऐसे में लग रहा है कि भजनलाल शर्मा अभी और समय निकालेंगे. कांग्रेस और भाजपा मिली हुई हैं. कांग्रेस भाजपा के खिलाफ आंदोलन नहीं कर पा रही है.

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एम्स में एमपी की सिफारिश चलेगी: एम्स गवर्निंग बॉडी की बैठक के बारे में बेनीवाल ने कहा कि एम्स में हुए साक्षात्कार को रद्द करने का निर्णय हुआ है, जो वापस होंगे. एम्स की ठेका प्रथा की शिकायतों पर बात हुई है. एम्स में मरीजों का भार बढ़ रहा है, इसलिए यहां सुविधा और स्टाफ की जरूरत का प्रस्ताव दिया गया है. एम्स के निदेशक ने लिखा था कि एमपी-एमएलए की सिफारिश नहीं होगी, इस आदेश को वापस लिया गया और निदेशक को फटकार भी लगाई गई है, अन्य मामलों पर भी बात हुई है, जिनकी जानकारी मीडिया को नहीं दी जा सकती.