आंगनबाड़ी पोषाहार घोटाला: एसीबी ने कुचामन-परबतसर से पकड़े 10 आरोपी
एसीबी सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है. आरोपियों को जोधपुर विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा.

Published : May 26, 2026 at 8:33 PM IST
कुचामन सिटी: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की नागौर टीम ने डीडवाना-कुचामन जिले के कुचामन व परबतसर क्षेत्र में वर्ष 2017-18 के चर्चित आंगनबाड़ी पोषाहार घोटाले में बड़ी कार्रवाई की और नागौर जिले से कुल 16 लोगों को गिरफ्तार किया. इनमें कुचामन सिटी और परबतसर क्षेत्र के कार्मिक शामिल हैं.
एसीबी अधिकारी कल्पना सोलंकी ने बताया कि ब्यूरो ने कुचामन सिटी से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया. इनके नाम महिला पर्यवेक्षक हेमा अग्रवाल, गीता वर्मा, मनीष शेखावत, अंजू शर्मा, संविदाकर्मी राजेंद्र प्रसाद दायमा तथा विजेंद्र सिंह हैं. वहीं परबतसर क्षेत्र से 4 लोगों को पकड़ा. इनमें खूबचंद भाकर, मूली देवी, संतोष देवी और कमल किशोर शामिल हैं. परबतसर से गिरफ्तार कार्मिकों में एक पहले से निलंबित है. एक सेवानिवृत्त हो चुका है तथा दो वर्तमान में कार्यरत हैं. एसीबी सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है. कार्रवाई के बाद आरोपियों को जोधपुर विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा.
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ठेकेदार ने बनाए फर्जी समूह: जांच अधिकारी एसीबी कल्पना सोलंकी ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपी ठेकेदार हरिसिंह घोटाले का मास्टर माइंड था. सरकारी योजना के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार वितरण का कार्य स्थानीय महिलाओं के समूह के जरिए कराया जाना था. इन्हीं समूह के बैंक खातों में बिल राशि जमा की जानी थी. आरोपी ठेकेदार हरिसिंह ने तत्कालीन उपनिदेशक उषा रानी से मिलीभगत कर खुद करीब डेढ़ सौ से ज्यादा महिला समूह फर्जी तरीके से कागजों में बना लिए और बगैर पोषाहार वितरण के सरकारी खजाने से फर्जी बिल पास करवाकर राशि उठाता रहा. जांच में पाया कि आरोपी आंगनबाड़ी केंद्रों पर महीने में चार दिन के बजाए एक ही दिन पोषाहार बांटते थे. यह पोषाहार भी खराब क्वालिटी का होता था.
यह था मामला: वर्ष 2017-18 में महिला एवं बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ी पोषाहार वितरण में करोड़ों रुपए के घोटाला सामने आया था. आरोप था कि विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से फर्जी व अनियमित पोषाहार बिल पास किए गए. 31 जुलाई 2018 को एसीबी ने नागौर जिले के कुचामन, डेगाना, परबतसर समेत 11 स्थानों पर छापेमारी कर रिकॉर्ड जब्त किया. जांच में कुचामन के तत्कालीन सीडीपीओ शक्तिसिंह हापावत के करीब 7.40 करोड़ रुपए तथा डेगाना की तत्कालीन सीडीपीओ सुधा यादव के करीब 1.50 करोड़ रुपए के बिल पास करने का मामला सामने आया. करीब 7 माह की जांच के बाद एसीबी ने मार्च 2019 में दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार किया था. मामले में ठेकेदारों और विभागीय कर्मचारियों की भूमिका जांची गई. इसमें नकदी और सरकारी दस्तावेज भी बरामद हुए थे.

