टिकट वितरण के बाद कांग्रेस में बवाल: तिवाड़ी बोले- मुझे हराने वालों को टिकट दिया, खमियाजा भुगतना पड़ेगा
तिवाड़ी ने आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में उनसे पूछे बगैर ही प्रत्याशी तय कर दिए गए.

Published : August 31, 2026 at 2:59 PM IST
जयपुर : नगर निगम चुनाव में 170 वार्डों में टिकट वितरण के बाद कांग्रेस में बवाल मच गया है. टिकट नहीं मिलने से नाराज कार्यकर्ताओं ने जयपुर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील शर्मा के आवास के बाहर धरना दिया. वहीं, जयपुर शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष आर.आर. तिवाड़ी भी टिकट वितरण से नाराज होकर जयपुर शहर प्रभारी रोहित बोहरा के आवास के बाहर सड़क पर बैठ गए. तिवाड़ी ने आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में उनसे पूछे बगैर ही प्रत्याशी तय कर दिए गए.
तिवाड़ी ने जयपुर कांग्रेस के प्रभारी रोहित बोहरा के आवास के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने विधानसभा क्षेत्र से जो नाम पार्टी को दिए थे, उनको टिकट नहीं दिया गया और बिना उनकी मर्जी के दूसरे लोगों को टिकट दे दिए गए हैं. टिकटों को लेकर पहले उनकी शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा से बातचीत हुई थी और 15 वार्डों के प्रत्याशियों पर लगभग सहमति बन गई थी. आरोप है कि इसके बाद अंतिम समय में अचानक बातचीत बंद कर दी गई. हालत यह हो गए हैं कि पता ही नहीं चल पा रहा है कि उनके विधानसभा क्षेत्र में पार्टी ने किसे सिंबल दिया है.
पहले सहमति फिर अचानक फोन बंद : तिवाड़ी के अनुसार कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री रोहित बोहरा ने दो दिन पहले उन्हें बुलाकर प्रत्याशियों को लेकर चर्चा की थी. सभी वार्डों में सहमति बन गई थी, फिर उसके बाद अचानक सुनील शर्मा ने अपना फोन बंद कर दिया, जब सहमति बन गई थी तो फिर बात करना क्यों बंद कर दिया? तिवाड़ी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में उन्हें हराने वाले लोगों को पार्टी ने नगर निगम का टिकट दिया है. वार्ड 146 में कांग्रेस ने पप्पू कुरैशी को टिकट दिया है, जबकि एक अन्य वार्ड में कांग्रेस प्रत्याशी को हराने वाले निर्दलीय पार्षद को टिकट दिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि एआईएमआईएम के समर्थक रहे नेता को वार्ड 146 से टिकट दिया गया है, जो व्यक्ति कांग्रेस का प्राथमिक सदस्य तक नहीं है उसे टिकट क्यों दिया गया?

मुस्लिम विधायकों ने दूसरे क्षेत्रों में दखल दिया : तिवाड़ी ने कांग्रेस विधायक रफीक खान और अमीन कागजी पर भी आरोप लगाया कि वो मुस्लिम कौम के रहबर बने हुए हैं. उन्होंने उनके और अन्य हारे हुए प्रत्याशियों के विधानसभा क्षेत्र में दखल देकर अपने समर्थकों को टिकट दिलवाया है. यह तरीका ठीक नहीं है. जयपुर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष उनके हाथों की कठपुतली बने हुए हैं. पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि विधायक किसी एक समुदाय के नहीं बल्कि पूरी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. दूसरे विधानसभा क्षेत्र में नेताओं के इस तरह दखल से स्थानीय संगठन और कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है.
'मैं 1978 में इंदिरा गांधी के लिए जेल गया' : तिवाड़ी ने कहा कि 'मैं लंबे समय से कांग्रेस पार्टी का सिपाही हूं. कुछ भी हो जाए, लेकिन पार्टी नहीं छोड़ूंगा. 1978 में इंदिरा गांधी के लिए जेल गया था, तब मेरी 22 साल की उम्र थी. आखिरी दम तक कांग्रेस में रहूंगा.' उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की पीड़ा सुनी जानी चाहिए. जयपुर के कार्यकर्ताओं की पीड़ा लेकर रोहित बोहरा के घर के बाहर बैठे हैं. 2 साल तक सरकार के खिलाफ धरने-प्रदर्शन किए थे. जयपुर में बीजेपी के खिलाफ माहौल बनाया था, लेकिन जिस तरह से टिकट वितरण हुआ है उसके बाद इसका खमियाजा पार्टी को भुगतना पड़ सकता है. अभी तक प्रत्याशियों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. ऐसे में कौन सूची जारी कर रहा है? पता ही नहीं चल रहा कि कौन प्रत्याशी है और किसको पार्टी ने सिंबल दिया है.
सुनील शर्मा के आवास के बाहर भी धरने पर बैठे लोग : बगरू विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 71 में टिकट नहीं मिलने से नाराज एक दावेदार के समर्थक कांग्रेस शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा के घर के बाहर धरने पर बैठ गए. कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें अंधेरे में रखा गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट का आश्वासन सुनील शर्मा ने दिया था, लेकिन किसी और को टिकट दे दिया. पार्टी के पास अभी भी समय है. अगर प्रत्याशी नहीं बदला तो सामूहिक इस्तीफा देंगे. साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने हाई कमान से भी दखल देकर सुनील शर्मा को पद से हटाने की मांग की है.

