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नालंदा के दारोगा की पटना के सुल्तानगंज थाना के बाथरूम में संदिग्ध मौत, पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि

नालंदा के दारोगा की पटना में संदिग्ध मौत हो गई. प्रभार सौंपने गए दारोगा बेहोश मिले, पीएमसीएच में मृत घोषित. पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि.

NALANDA INSPECTOR DEATH
नालंदा के दारोगा की मौत (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : March 1, 2026 at 3:22 PM IST

4 Min Read
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नालंदा: पटना के सुल्तानगंज थाना में मालखाने का प्रभार सौंपने गए नालंदा जिले के दारोगा वीरेंद्र कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने बिहार पुलिस में हड़कंप मचा दिया है. 58 वर्षीय दारोगा थाने के बाथरूम में बेहोशी की हालत में मिले, जिसके बाद उन्हें पीएमसीएच ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

तबादले के बाद पदभार सौंपने गए थे थाने: मृतक दारोगा वीरेंद्र कुमार मूल रूप से नालंदा जिले के गिरियक थाना क्षेत्र के मंगर बिगहा गांव के निवासी थे. उनके पुत्र अभिमन्यु कुमार के अनुसार, इसी साल फरवरी में उनका तबादला पटना के सुल्तानगंज थाना से नालंदा में हो गया था. दो साल बाद रिटायरमेंट होने वाला था. वर्तमान में वे बिहार शरीफ पुलिस लाइन में मुख्यालय पर तैनात थे. पुलिस अधीक्षक के आदेश पर मालखाने का पदभार सौंपने के लिए वे सुल्तानगंज थाने पहुंचे थे, जहां अचानक यह घटना घटी.

"पुलिस लाइन में पदभार ग्रहण करने के बाद पुलिस अधीक्षक के आदेश पर वापस मालखाने का पदभार सौपने सुल्तानगंज थाना गए थे. जहां अचानक वे थाना के बाथरूम में बेहोशी की हालात में पाए गए. जिसके बाद वहां मौजूद अन्य साथियों ने इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टर ने जांच उपरांत मृत घोषित कर दिया."-अभिमन्यु कुमार, दारोगा के पुत्र

बाथरूम में बेहोशी की हालत में मिले, अस्पताल में हुई मौत: थाने में पदभार सौंपने के दौरान दारोगा अचानक थाने के बाथरूम में बेहोशी की हालत में पाए गए. मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत पटना के पीएमसीएच अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ पड़ी और गिरियक थाना पुलिस ने परिजनों को सूचित किया.

परिजनों ने शव पर चोट के निशान देखे: परिजन जब पीएमसीएच पहुंचे तो उन्होंने शव को स्ट्रेचर पर पड़ा देखा. उनके हाथ, पीठ और शरीर पर चोट के निशान थे. परिजनों का कहना है कि यह चोटें अचानक चक्कर खाकर गिरने से लगी हो सकती हैं, क्योंकि दारोगा पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त नहीं थे. परिवार अब घटना की गहन जांच की मांग कर रहा है ताकि मौत के असली कारण का पता चल सके.

बिहार के विभिन्न जिलों में दी सेवाएं: दारोगा वीरेंद्र कुमार ने अपने लंबे कार्यकाल में बिहार के कई जिलों में अपनी सेवाएं दीं. उन्होंने भागलपुर, दरभंगा, बेगूसराय और पटना में महत्वपूर्ण योगदान दिया. उनकी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए वे सहकर्मियों में लोकप्रिय थे. उनकी मौत से पुलिस परिवार में गहरा शोक व्याप्त है.

परिवार पीछे छूटा, तीन पुत्र और एक बेटी: मृतक दारोगा अपने पीछे पत्नी, तीन पुत्रों और एक बेटी को छोड़ गए हैं. उनका एक पुत्र भारतीय सेना में सेवा दे रहा है, जबकि दो पुत्र व्यवसाय के साथ-साथ पढ़ाई भी कर रहे हैं. परिवार इस अप्रत्याशित घटना से सदमे में है और न्याय की उम्मीद कर रहा है.

पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि, गार्ड ऑफ ऑनर: घटना के बाद मृतक के पार्थिव शरीर को बिहार शरीफ पुलिस लाइन लाया गया. यहां लाइन डीएसपी सहित अन्य साथी पुलिसकर्मियों ने नम आंखों से 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया और उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की. पुलिस महकमे ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और जांच के आदेश दिए गए हैं.

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