बिहार में होमगार्ड जवान की मौत, ट्रेनिंग में हाई जंप के दौरान हादसा
मुजफ्फरपुर के होमगार्ड जवान की मौत हो गयी. औरंगाबाद में ट्रेनिंग में हाई जंप के दौरान हादसा में उसकी जान चली गयी.

Published : December 31, 2025 at 10:19 AM IST
मुजफ्फरपुर: बिहार में होमगार्ड जवानों की ट्रेनिंग के दौरान एक दर्दनाक घटना सामने आया. मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मकसूदपुर गांव निवासी नवनियुक्त होमगार्ड जवान की औरंगाबाद में प्रशिक्षण के दौरान मौत हो गई. घटना के बाद जवान के गांव में शोक की लहर दौड़ गई है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
2025 बैच का था जवान: मृतक जवान की पहचान मकसूदपुर गांव निवासी राम निहोरा सिंह के मंझले बेटे राजू कुमार (25) के रूप में हुई है. राजू 2025 बैच का होमगार्ड जवान था. उसकी ट्रेनिंग औरंगाबाद जिले के मदनपुर स्थित सीआरपीएफ कैंप में चल रही थी. बताया गया कि आगामी 8 जनवरी को पासिंग आउट परेड होनी है, जिसके लिए अभ्यास किया जा रहा था.
हाई जंप के दौरान हादसा: परेड की तैयारी के दौरान हाई जंप की प्रैक्टिस करते समय राजू अचानक संतुलन खो बैठा और जमीन पर गिर गया. गिरने से उसे गंभीर चोटें आईं. प्रशिक्षकों और साथियों ने उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मदनपुर पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. सदर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

"तैयारी के दौरान हादसा हुआ. अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया. मृतक जवान के परिजनों को सूचना दे दी गई है. आगे की प्रक्रिया नियमानुसार की जा रही है." -आमिर इसरार, डिविजनल कमांडेंट, होमगार्ड
सीआरपीएफ कैंप में ट्रेनिंग: राजू की ज्वाइनिंग 19 अगस्त 2025 को हुई थी. 28 अगस्त की रात ट्रेनिंग के लिए मदनपुर गया था. औरंगाबाद पुलिस के अनुसार वर्तमान में मदनपुर सीआरपीएफ कैंप में कुल 244 होमगार्ड जवान प्रशिक्षण ले रहे हैं. इनमें मुजफ्फरपुर जिले के 176 और सीतामढ़ी जिले के 68 जवान शामिल हैं, इसमें राजू कुमार भी शामिल था.
परिवार में मातम: परिवार को राजू से बड़े सपने थे, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है. पिता राम निहोरा सिंह चंडीगढ़ में मजदूरी करते हैं. बड़ा भाई विपिन कुमार दूसरे प्रदेश में प्राइवेट कंपनी में काम करता है. छोटा ललित कुमार भाई घर पर रहता है. घटना की सूचना मिलते ही छोटा भाई ललित संगे संबंधी व ग्रामीणों के साथ औरंगाबाद के लिए रवाना हो चुके हैं.
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