नाबालिग दुष्कर्म प्रयास मामला: POCSO कोर्ट ने बोचहां थानेदार की सैलरी काटने का दिया आदेश
पॉक्सो मामले में लापरवाही बरतने के मामले में कोर्ट ने बोचहां थानेदार की सैलरी में कटौती के आदेश दिए. वहीं मीनापुर थानाध्यक्ष से जवाब तलब.

Published : February 24, 2026 at 2:32 PM IST
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म के प्रयास के मामले में समय पर जांच पूरी नहीं करने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है. विशेष पॉक्सो कोर्ट–एक के न्यायाधीश धीरेंद्र मिश्र ने बोचहां थानाध्यक्ष के वेतन से पांच हजार रुपये काटने का आदेश दिया है. यह राशि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कोष में जमा कराई जाएगी.
जांच में लापरवाही पर कोर्ट का सख्त रुख: अदालत को कहा कि किशोरी के पिता ने 26 मई 2023 को बोचहां थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी. शिकायत में कहा गया था कि 23 मई 2023 को सात आरोपितों ने उनकी नाबालिग पुत्री को घर से अगवा करने का प्रयास किया. इस दौरान एक युवक पर किशोरी से दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया गया था.
थानाध्यक्ष के वेतन से कटौती: अदालत ने पाया कि घटना के लगभग तीन वर्ष पूरे होने के बावजूद पुलिस जांच पूरी नहीं कर सकी है. इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए विशेष कोर्ट ने थानाध्यक्ष के वेतन से राशि काटने का आदेश दिया है.
बोचहां थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण तलब: एक अन्य मामले में भी अदालत ने बोचहां थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा है. यह मामला किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म के प्रयास और विरोध करने पर परिजनों से मारपीट से जुड़ा है. इस प्रकरण में किशोरी ने 18 नवंबर 2019 को 11 आरोपितों के खिलाफ बोचहां थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी.
मीनापुर थानाध्यक्ष से भी जवाब तलब: पुलिस ने 30 जुलाई 2020 को चार्जशीट दाखिल की थी, लेकिन अब तक सभी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. फिलहाल दो आरोपी अदालत में उपस्थित हो रहे हैं. इसी तरह, मीनापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 6 मार्च 2024 को 17 वर्षीय किशोरी के अपहरण और जबरन शादी के मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या–एक ने मीनापुर थानाध्यक्ष से भी स्पष्टीकरण मांगा है.
नहीं बर्दाश्त की जाएगी लापरवाही: अदालत ने स्पष्ट किया है कि पॉक्सो जैसे गंभीर मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

