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बिहार का बहुचर्चित 'ब्लू ड्रम कांड', मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास

सोमवार को मुजफ्फरपुर कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया. हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास सजा दी गई. पढ़ें खबर

Muzaffarpur Blue Drum case
आरोपी को अदालत लेकर पहुंची पुलिस (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : February 23, 2026 at 6:59 PM IST

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मुजफ्फरपुर : बिहार के मुजफ्फरपुर में हुए बहुचर्चित 'ब्लू ड्रम कांड' में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. एडीजे-16 की अदालत ने इस जघन्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी सुभाष शर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. यह सजा एडीजे-16 प्रभात कुमार की अदालत ने सुनाई.

क्या है पूरा मामला? : यह सनसनीखेज मामला सितंबर 2021 का है. सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बालूघाट मोहल्ले में एक घर से विस्फोट और आग लगने की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया. इसी दौरान घर के अंदर एक क्षतिग्रस्त नीले रंग के ड्रम से तेज दुर्गंध आने पर जब जांच की गई, तो ड्रम के भीतर से एक शव बरामद हुआ.

हत्या की.. शव के टुकड़े किए.. ड्रम में डाला : जांच में सामने आया कि शव को पहले टुकड़ों में काटा गया था और फिर उसे रसायनों के साथ नीले ड्रम में रखा गया था. पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि दीपक सहनी (बदला हुआ नाम) की हत्या उसकी पत्नी प्रभावती देवी (बदला हुआ नाम) और उसके प्रेमी सुभाष शर्मा ने मिलकर की थी. हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से उसे टुकड़ों में काटकर ड्रम में रखा गया. उस पर नमक, ब्लीचिंग पाउडर, फिनाइल समेत अन्य रसायन डाले गए, ताकि शव गल जाए और किसी को इसकी भनक न लगे.

ड्रम में हुआ विस्फोट : हालांकि आरोपियों की यह साजिश उस समय नाकाम हो गई, जब रसायनों के आपसी रिएक्शन से 18 सितंबर 2021 की रात ड्रम में जोरदार विस्फोट हो गया. विस्फोट के कारण घर में आग लग गई और पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया. अगले दिन 19 सितंबर 2021 को मृतक के भाई के बयान पर सिकंदरपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई.

7 नामजद अभियुक्त : एफआईआर में मृतक की पत्नी प्रभावती देवी, उसकी बहन, साढ़ू और प्रेमी सुभाष शर्मा सहित 7 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था. पुलिस ने जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य जुटाए और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. अदालत में सुनवाई के दौरान सुभाष शर्मा ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था.

HC से जमानत याचिका खारिज : घटना के बाद से सुभाष शर्मा न्यायिक हिरासत में था. उसने उच्च न्यायालय में जमानत के लिए दो बार याचिका दाखिल की, लेकिन दोनों ही बार उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई. लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई.

पत्नी है फरार : वहीं, इस मामले के अन्य आरोपियों के खिलाफ अदालत में सुनवाई अभी जारी है. मृतक की पत्नी प्रभावती देवी घटना के बाद से फरार बताई जा रही है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी कानून के शिकंजे में लाया जाएगा.

''सुभाष शर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. उसपर सूचक ने आरोप लगाया था कि उसके भाभो से उसका प्रेम संबंध था. दोनों ने मिलकर उसके भाई को दिल्ली से बुलाकर मार डाला था. मामले में 7 लोगों पर मामला दर्ज किया गया था. इसमें से अन्य आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चल रही है. सुभाष कुमार शर्मा को सजा सुनाई गई है.''- अरविंद कुमार सिंह, अपर लोक अभियोजक

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