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मुजफ्फरनगर में शिक्षक हत्याकांड; सिपाही को आजीवन कारावास की सजा, एक लाख जुर्माना भी लगाया

डीजीसी राजीव शर्मा ने बताया कि विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट ने चंद्र प्रकाश यादव को दोषी करार दिया है.

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : February 25, 2026 at 10:20 PM IST

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मुजफ्फरनगर : शिक्षक हत्याकांड में न्यायालय ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट ने दोषी पुलिस हेड कांस्टेबल चंद्र प्रकाश यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और अभियुक्त पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है.

डीजीसी राजीव शर्मा ने बताया कि साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए गये थे. विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट ने चंद्र प्रकाश यादव को दोषी करार दिया है. कोर्ट ने दोषी को आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई गई है और एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

घटना 17 मार्च 2024 को एसएसपी आवास के पास हुई थी, जिसमें वाराणसी कमिश्नरेट में तैनात मुख्य आरक्षी चंद्र प्रकाश यादव ने सरकारी कार्बाइन से अंधाधुंध गोलियां चला दी थीं और शिक्षक की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी और फिर थाना सिविल लाइन पुलिस ने घटना के दो दिन में 19 मार्च 2024 को अभियुक्त चंद्र प्रकाश यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.

घटना 17 मार्च 2024 को एसएसपी आवास के पास हुई थी. वाराणसी कमिश्नरेट में तैनात मुख्य आरक्षी चंद्र प्रकाश यादव पर मामूली विवाद के बाद शिक्षक धर्मेंद्र कुमार पर अंधाधुंध गोलियां चलाने का आरोप लगा था. हमले में शिक्षक की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी. घटना के दो दिन में 19 मार्च 2024 को आरोपी चंद्र प्रकाश यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए महज दो महीने के भीतर 18 मई 2024 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था.

अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी राजीव शर्मा, एडीजीसी प्रवेंद्र कुमार और नरेंद्र शर्मा ने साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए और इसमें विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट ने चंद्र प्रकाश यादव को गंभीर धाराओं के साथ एससी-एसटी एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत दोषी करार दिया और इसमें न्यायालय ने दोषी को आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई गई और एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है.

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