धूमधाम से हुआ मसूरी विंटर कार्निवाल का शुभारंभ, हेलीकॉप्टर से बरसे फूल, 'उत्तराखंड के गांधी' को समर्पित रहा पहला दिन
मसूरी विंटर लाइन कार्निवाल का औपचारिक रूप से शुभारंभ हो चुका है. कार्निवाल की पहली शाम देशभक्ति और वीरता के नाम रही.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : December 24, 2025 at 10:02 PM IST
मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी एक बार फिर संस्कृति, संगीत और पर्यटन के उत्सव में डूब गई है. बुधवार को सर्वे मैदान से निकाली गई भव्य सांस्कृतिक शोभायात्रा के साथ मसूरी में विंटर लाइन कार्निवाल का औपचारिक शुभारंभ हो गया. शोभायात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया. शोभायात्रा सर्वे मैदान से प्रारंभ होकर लंढौर बाजार, घंटाघर और कुलड़ी मॉल रोड होते हुए गांधी चौक पर संपन्न हुई. यात्रा में गढ़वाल सभा मसूरी, झूमेलो ग्रुप समेत विभिन्न सांस्कृतिक दलों के कलाकारों और स्कूली छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया.
गांधी चौक पर बैंड की प्रस्तुतियों ने बांधा समां: गांधी चौक पहुंचने पर आईटीबीपी और सीआरपीएफ बैंड की शानदार प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए. इसके साथ ही मांगल गीतों का आयोजन हुआ और स्वजन शिक्षा समिति के तत्वावधान में लोक नृत्य की प्रभावशाली प्रस्तुति दी गईं.
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया उद्घाटन: गांधी चौक पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने विधिवत रूप से विंटर लाइन कार्निवाल का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद उत्तराखंड का पर्यटन बुरी तरह प्रभावित हुआ था. पर्यटन और स्थानीय व्यवसाय को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से मसूरी और नैनीताल में विंटर लाइन कार्निवाल की शुरुआत की गई, जिसका सकारात्मक असर आज साफ नजर आ रहा है. उन्होंने कहा कि कार्निवाल ने न केवल पर्यटन को बढ़ावा दिया है, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए हैं. पहाड़ के उत्पादों, खानपान और व्यंजनों को देश-विदेश तक पहचान मिली है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है.

पहला दिन इंद्रमणि बडोनी को समर्पित: मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि कार्निवाल का पहला दिन ‘उत्तराखंड के गांधी’ इंद्रमणि बडोनी को समर्पित किया गया है. जबकि दूसरा दिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम रहेगा. उन्होंने कहा कि यदि उत्तराखंड राज्य का गठन न हुआ होता तो न यह कार्निवाल होता और न ही आज यह सांस्कृतिक पहचान.

संस्कृति और पर्यटन का संगम: उन्होंने कहा कि विंटर लाइन कार्निवाल उत्तराखंड की संस्कृति के प्रचार-प्रसार का बड़ा माध्यम बन चुका है. इस बार कार्निवाल में उत्तराखंड की संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, लोक संगीत और स्थानीय खानपान को विशेष रूप से प्रमुखता दी गई है.

29 दिसंबर तक चलेगा कार्निवाल: एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि कार्निवाल के तहत रंगारंग कार्यक्रमों की शुरुआत हो चुकी है और अगले 6 दिनों तक भव्य आयोजन किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि स्टार नाइट समेत सभी प्रमुख कार्यक्रम टाउनहॉल में आयोजित होंगे. बड़ी संख्या में पर्यटकों की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है.

दिग्गज कलाकार देंगे प्रस्तुतियां: कार्निवाल के दौरान करिश्मा शाह, रुहान भारद्वाज, मीना राणा, गजेंद्र राणा, सौरभ मैठाणी समेत उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई प्रसिद्ध लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे. साथ ही इंद्रमणि बडोनी पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया.

सरकार के प्रयासों से बढ़ा पहाड़ों का पर्यटन: कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है. होमस्टे योजना के माध्यम से पहाड़ों में बंद पड़े घरों को फिर से जीवंत किया गया है. जिससे गांवों में भी पर्यटन को नई दिशा मिली है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री व्यस्तता के कारण उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके, लेकिन कार्निवाल के दौरान एक दिन मसूरी आकर शहर को बड़ी सौगात देंगे.
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