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मसूरी विंटर कार्निवाल म्यूजिकल नाइट, सूफी संगीत में डूबी पहाड़ों की रानी, देखिये वीडियो

मसूरी विंटर कार्निवाल में रात को रुहान भारद्वाज और करिश्मा शाह ने प्रस्तुति दी. इसके अलावा मिजाज बैंड ने भी परफॉर्म किया.

MUSSOORIE WINTER CARNIVAL
मसूरी विंटर कार्निवाल (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : December 26, 2025 at 1:25 PM IST

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मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में इन दिनों विंटर लाइन कार्निवल चल रहा है. विंटर लाइन कार्निवल में हर दिन कई कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैंं. कार्निवल की दूसरी शाम नगर पालिका प्रांगण में सुर, संगीत और पहाड़ी लोकसंस्कृति के रंगों में सराबोर नजर आई. सर्द पहाड़ी हवाओं के बीच आयोजित इस संगीतमय संध्या ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा.

कार्यक्रम की शुरुआत सूफियाना नाइट से हुई. जिसमें पहाड़ी और सूफी गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी. प्रेम, प्रकृति और पहाड़ की आत्मा को दर्शाते गीतों ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया. इसके बाद मिजाज बैंड ने अपने ऊर्जावान संगीत से माहौल में जोश भर दिया. बैंड की प्रस्तुति पर युवा वर्ग के साथ-साथ हर आयु के दर्शक झूमते नजर आए.

रात का मुख्य आकर्षण रहे रोहन भारद्वाज और करिश्मा शाह, जिनकी शानदार गायकी और मंचीय ऊर्जा ने कार्यक्रम को शिखर पर पहुंचा दिया. दोनों कलाकारों ने पहाड़ी लोकगीतों के साथ समकालीन गीतों की प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। गीतों के साथ मोबाइल की रोशनी से जगमगाता परिसर एक अलग ही दृश्य प्रस्तुत कर रहा था.

मसूरी विंटर कार्निवाल (ETV Bharat)

मसूरी पहुंचे कलाकारों ने कहा मसूरी में परफॉर्म करना उनके लिए बेहद खास अनुभव है. उन्होंने बताया कि वे देश-विदेश में बड़े मंचों पर प्रस्तुति दे चुके हैं, लेकिन अपनी मिट्टी और अपने देश में प्रस्तुति देने का आनंद अतुलनीय है. कलाकारों ने विंटर लाइन कार्निवल के आयोजकों का आभार जताते हुए कहा कि स्थानीय कलाकारों को मंच देना एक सराहनीय पहल है.

एसडीएम मसूरी राहुल ने कहा कार्निवल न केवल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, बल्कि स्थानीय संस्कृति, लोक कला और पहाड़ी उत्पादों को भी नई पहचान दिला रहा है. यह बात एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने कार्निवल के दौरान कही.

एसडीएम राहुल आनंद ने कहा कि मसूरी विंटर लाइन कार्निवल का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देना, स्थानीय कलाकारों को मंच उपलब्ध कराना और पहाड़ों की विशिष्ट पहचान को देश-विदेश तक पहुंचाना है. उन्होंने बताया कार्निवल में स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ बाहरी कलाकारों की भागीदारी से सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिल रहा है. वहीं फूड फेस्टिवल के माध्यम से पहाड़ी उत्पादों से बने पारंपरिक व्यंजनों को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है, जिसे पर्यटकों का भरपूर समर्थन मिल रहा है.

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