अजमेर हत्याकांड: फिल्मी अंदाज में रची गई खौफनाक साजिश, 5 महीने पहले ही ऑनलाइन मंगा लिया था चाकू
पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी समेत पूरे परिवार की हत्या के मामले में पुलिस ने पहली पत्नी, बेटी और नाबालिग बेटे को पकड़ा है.

Published : May 29, 2026 at 8:44 PM IST
|Updated : May 29, 2026 at 8:51 PM IST
अजमेर: जिले के किशनगढ़ के निकट बोराड़ा थाना क्षेत्र में एक बेहद खौफनाक और फिल्मी अंदाज में रची गई हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने कर दिया है. पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी समेत उनके परिवार के चार सदस्यों की धारदार हथियारों से गला काटकर हत्या कर दी गई और साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपियों ने शवों को कार में रखकर जिंदा जला दिया. पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतक की पहली पत्नी, बेटी और नाबालिग बेटे को हिरासत में लिया है.
ये है पूरा मामला?: पुलिस के अनुसार, 28 मई 2026 की सुबह करीब 05:45 बजे पुलिस को सूचना मिली कि श्री रामपुरा स्टेट हाईवे पर एक कार जल रही है. जब पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची, तो कार में जले हुए शव मिले. शुरुआत में इसे दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन पुलिस की जांच ने परत-दर-परत सच्चाई सामने ला दी. घटनास्थल पर ही एक घायल महिला मिली, जिसकी बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई. उस महिला के गले और सिर पर धारदार हथियार के निशान थे, जिससे मामला हत्या का निकला.
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5 महीने पहले मंगाए थे हथियार: अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि पूरी वारदात की साजिश मृतक रामसिंह की पहली पत्नी सुनीता, बेटी सरिता और नाबालिग बेटे ने मिलकर रची थी. आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि रामसिंह की दूसरी शादी से वे बेहद परेशान थे और रामसिंह उन्हें प्रताड़ित करता था. इसी से तंग आकर करीब 4-5 महीने पहले ही ऑनलाइन धारदार हथियार मंगाकर हत्या की पूरी पटकथा लिख दी गई थी.
क्रूरता की हदें पार: एसपी ने बताया कि आरोपियों ने 28 मई की भोर में करीब 4:00 बजे घर में सो रहे रामसिंह, उनकी दूसरी पत्नी सुर्ज्ञान, मां और भांजी की धारदार हथियारों से गला काटकर हत्या कर दी. इसके बाद शवों को कार में डालकर घटनास्थल तक ले गए, जहां ट्रैक्टर से डीजल निकालकर कार को आग के हवाले कर दिया, ताकि इसे एक सड़क दुर्घटना का रूप दिया जा सके. पुलिस ने जब रामसिंह के घर की बारीकी से जांच की, तो घर की धुलाई की हुई थी, लेकिन फॉरेंसिक टीम ने घर में खून के छींटे बरामद कर लिए.
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पुलिस की कार्रवाई: अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशन और CO आयुष वशिष्ठ के सुपरविजन में यह मामला सुलझाया गया है. बोराड़ा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुनीता (43 वर्ष) और सरिता (18 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें अदालत ने 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है. वहीं, मामले में शामिल 17 वर्षीय नाबालिग बेटे को निरुद्ध कर बाल सुधार गृह भेजा गया है.
इस सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है. अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि पुलिस की टीम मामले की गहनता से जांच कर रही है और पुलिस रिमांड के दौरान कई अहम जानकारियां व सुराग मिलने की संभावना है.
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