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प्रयागराज में नगर पालिका परिषद का लिपिक गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने 87 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा

इंस्पेक्टर एंटी करप्शन, प्रयागराज, रवींद्र सिंह ने बताया कि गोपनीय जांच कराई थी, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए.

लिपिक गिरफ्तार
लिपिक गिरफ्तार (Photo credit: एंटी करप्शन)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 9, 2026 at 10:00 PM IST

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प्रयागराज : भ्रष्टाचार निवारण संगठन, प्रयागराज मंडल ने शुक्रवार को नगर पालिका परिषद बेल्हा, प्रतापगढ़ में तैनात लिपिक प्रशांत सिंह को 87 हजार पांच सौ रुपये की रिश्वत के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई दोपहर 2.13 बजे अधिशासी अधिकारी के टाइपिस्ट कक्ष में की गई, जिससे कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया.

तकनीकी स्वीकृति दिलाने के नाम पर मांगी थी रिश्वत : इंस्पेक्टर एंटी करप्शन, प्रयागराज, रवींद्र सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई भदोही जिले के निवासी प्रवीण रामपाल सिंह की लिखित शिकायत पर की गई. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उनकी फर्म को नगर पालिका परिषद बेल्हा प्रतापगढ़ द्वारा आवंटित कार्यों को शुरू कराने, कार्यस्थल दिखाने और टीएस (तकनीकी स्वीकृति) दिलाने के नाम पर अधिशासी अधिकारी अभिनव यादव व लिपिक प्रशांत सिंह की ओर से रिश्वत की मांग की जा रही थी. शिकायत को गंभीर मानते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने पहले गोपनीय जांच कराई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए.


14 सदस्यीय ट्रैप टीम का गठन किया गया : उन्होंने बताया कि शिकायत की पुष्टि के बाद 14 सदस्यीय ट्रैप टीम का गठन किया गया. निरीक्षक अंजली यादव के नेतृत्व में टीम ने पूरी योजना के साथ जाल बिछाया. तय रणनीति के अनुसार जैसे ही शिकायतकर्ता ने निर्धारित रकम लिपिक प्रशांत सिंह को सौंपी, उसी समय टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. मौके से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई है.


उन्होंने बताया कि इस मामले में नगर पंचायत ढकवा, प्रतापगढ़ के अधिशासी अधिकारी अभिनव यादव को भी नामजद किया गया है. दोनों के खिलाफ कोतवाली नगर थाना प्रतापगढ़ में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है. आगे की जांच में अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है.

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