इस बार खास होगा चंडीगढ़ रोज फेस्टिवल, विंटेज कारों की लगेगी प्रदर्शनी, दो साल से बंद काइट फ्लाइंग भी शुरू
Rose Festival 2026: इस बार का रोज फेस्टिवल खास होने वाला है. पहली बार इसका जिम्मा प्राइवेट एजेंसी को सौंपा गया है.

Published : February 19, 2026 at 7:10 AM IST
चंडीगढ़: इस साल चंडीगढ़ में लगने वाला रोज फेस्टिवल खास होने वाला है. इसके लिए चंडीगढ़ नगर निगम ने भी कमर कस ली है. पहली बार पूरे फेस्टिवल का जिम्मा एक ही प्राइवेट एजेंसी को सौंपा गया है. प्राइवेट एजेंसी ने 76 लाख रुपये देने का प्रस्ताव रखा और बदले में उसे फेस्टिवल के अंदर विज्ञापन और ब्रांडिंग के अधिकार मिला है. अब इसी रकम से पूरा आयोजन कराया जा रहा है. चंडीगढ़ नगर निगम का अनुमान है कि करीब 65 लाख रुपये आयोजन में खर्च होंगे और इसके बाद भी 6 से 11 लाख रुपये तक की कमाई की जाएगी.
खर्च को मैनेज करने के लिए नया प्रयोग: आज से तीन साल पहले रोज फेस्ट के आयोजन पर एक करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होता था. पिछले साल निगम की आर्थिक स्थिति कमजोर थी. यहां तक कि फेस्टिवल ना कराने पर भी विचार हुआ. 2012 से नगर निगम खुद अपने बजट से ये आयोजन करता आ रहा था, लेकिन कमिश्नर अमित कुमार ने स्पॉन्सरशिप मॉडल सुझाया. इवेंट-वाइज स्पॉन्सर ढूंढे गए, अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई और व्यापारियों से संपर्क किया गया. नतीजा ये रहा कि आयोजन भी हुआ और करीब 11 लाख रुपये की बचत भी हुई. इसी अनुभव के आधार पर इस बार एक ही एजेंसी को पूरा काम देने का फैसला लिया गया.

कार्यक्रमों में दिखेगा नया रंग: इस बार फेस्टिवल में कई नए कार्यक्रम जोड़े गए हैं. दो साल से बंद काइट फ्लाइंग फिर शुरू की गई है. सिंगिंग और डांसिंग प्रतियोगिताएं पहली बार रखी गई हैं. फेस्टिवल में किड्स जोन बनाया गया है, जिसमें 20 तरह के झूले और गेम्स हैं. साथ ही दो बड़े फूड कोर्ट भी लगाए गए हैं, ताकि लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके. पिछले साल प्रतियोगिताएं नहीं हुई थीं, इसलिए इस बार खर्च थोड़ा बढ़ा है.
विंटेज कारों की लगेगी प्रदर्शनी: इस बार रोज़ फेस्टिवल में 20 विंटेज कारों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी. जिसके लिए चंडीगढ़ विंटेज कार एसोसिएशन की ओर से नगर निगम से एक विशेष तौर पर लोकेशन भी मांगी गई है. वहीं शहर के सबसे क्यूट बेबी की कैटिगरी को लेकर भी प्रतियोगिता करवाई जाएगी. जिसमें छोटी उम्र के बच्चों का चयन सबसे सुंदर और प्यारे बच्चे की कैटेगरी को लेकर किया जाएगा. जिसके नतीजे रोज़ फेस्टिवल के पहले दिन घोषित किए जाएंगे. वही रोज़ फेस्टिवल के दूसरे दिन अलग अलग संस्कृति के कार्यक्रम करवाए जाएंगे जिसमें चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों के बच्चों द्वारा हिस्सा लिया जाएगा. वहीं तीसरे दिन लोक संगीत और अन्य गीतकारों की ओर से प्रस्तुति दी जाएगी.

प्राइवेट एजेंसी को जिम्मेदारी: एजेंसी को मंच से ब्रांड अनाउंसमेंट करने की अनुमति है. रोज गार्डन के अंदर पांच हॉट एयर बैलून पर विज्ञापन लगाए गए हैं. शहर के 30 राउंड अबाउट पर बैनर लगाए गए हैं. हर राउंड अबाउट पर चार बैनर तक की अनुमति दी गई है. इसके अलावा गार्डन में 10 एलईडी स्क्रीन और 14 जोन में करीब 100 डिस्प्ले बोर्ड भी लगाए गए हैं.
नगर निगम के अन्य प्रोग्राम में भी किए जाएंगे ऐसे बदलाव: यदि ये प्रयोग सफल रहता है, तो दिसंबर में होने वाला गुलदाउदी शो भी इसी मॉडल पर आयोजित किया जा सकता है. यहां तक कि तीज जैसे छोटे आयोजनों को भी इसी तरीके से कराने की तैयारी है. नगर निगम अब रोज फेस्टिवल को सिर्फ खर्च वाला आयोजन नहीं, बल्कि बेहतर प्रबंधन और आय के स्रोत के रूप में देखने लगा है.

