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करनाल में करोड़ों के गेहूं घोटाले ने खोली विभागीय लापरवाही की परतें, 15 हजार कट्टे गायब

करनाल में करोड़ों के गेहूं घोटाले की विभाग की ओर से जांच जारी है.

Multi crore wheat scam in Karnal
करनाल में करोड़ों का गेहूं घोटाला (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : July 4, 2026 at 5:00 PM IST

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करनाल: खाद्य आपूर्ति विभाग के कुंजपुरा केंद्र से सरकारी गेहूं के हजारों कट्टे गायब होने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है. अब तक हुई स्टॉक जांच में करीब 15 हजार कट्टे कम पाए गए हैं, जिनकी कीमत लगभग दो करोड़ रुपये आंकी जा रही है. हैरानी की बात यह है कि जो गेहूं गोदाम में बचा हुआ है, वह भी उचित रखरखाव के अभाव में कीड़े लगने से खराब हो रहा है. घोटाले का खुलासा होने के बाद भी विभागीय कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है और जांच प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर आपत्तियां सामने आ रही हैं.

जांच टीम पहुंची गोदाम, स्टॉक में मिली भारी कमी: कुंजपुरा स्थित खाद्य आपूर्ति विभाग के गोदाम में जांच के लिए पहुंची टीम ने गेहूं के कट्टों की गिनती की और गुणवत्ता जांच के लिए नमूने भी एकत्र किए. प्रारंभिक जांच में लगभग 15 हजार कट्टे कम मिलने से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. इस मामले में खाद्य आपूर्ति विभाग के दो अधिकारी और एक आढ़ती पहले ही जेल जा चुके हैं, लेकिन शिकायतकर्ता विकास शर्मा का कहना है कि अभी तक कार्रवाई संतोषजनक नहीं है. उनका आरोप है कि अधिकारियों ने जानबूझकर जांच में देरी की, जिसके चलते न केवल घोटाले के तथ्य दबाने की कोशिश हुई बल्कि खराब रखरखाव के कारण सरकारी गेहूं भी बर्बाद होता रहा.

हरियाणा में गेहूं घोटाला (ETV Bharat)

एएफएसओ बोले- कमेटी की निगरानी में हुआ पूरा काम: मामले में आरोपों का सामना कर रहे एएफएसओ मुकेश गुप्ता ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि "स्टॉक में कमी सामने आने के बाद पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई थी और सभी कार्यवाही उसी की निगरानी में की गई. खुले में रखा गेहूं बारिश की वजह से प्रभावित हुआ. पहले 4900 कट्टे कम मिलने पर इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था, जबकि बाद में शेड के भीतर रखे स्टॉक में भी लगभग 9500 कट्टों की कमी सामने आई. निलंबित इंस्पेक्टर अशोक शर्मा द्वारा विभाग को पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे जांच प्रभावित हुई."

Multi crore wheat scam in Karnal
करनाल में करोड़ों के गेहूं घोटाले की जांच (ETV Bharat)

जांच कमेटी अध्यक्ष ने ही उठाए जांच पर सवाल: पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल तब खड़ा हुआ जब जांच कमेटी के अध्यक्ष विकास खोखर ने स्वयं जांच प्रक्रिया की कमियों को उजागर कर दिया. उन्होंने बताया कि "19 मई 2026 को उन्हें जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. जांच के दौरान खाद्य आपूर्ति विभाग के रिकॉर्ड का मिलान एफसीआई के रिकॉर्ड से किया जाना था, लेकिन आज तक एफसीआई की ओर से आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए." उन्होंने कहा कि "गेहूं खराब होने की स्थिति पर रिपोर्ट तैयार करनी है, लेकिन वह तकनीकी विशेषज्ञ नहीं हैं, इसलिए नमूने लेकर जांच करवाई जा रही है."

Multi crore wheat scam in Karnal
गेहूं घोटाले ने खोली विभागीय लापरवाही की परतें (ETV Bharat)

अनुभव के बिना सौंपी गई जिम्मेदारी पर भी सवाल: विकास खोखर ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने स्वयं जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी को इस जांच कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि उन्हें इस प्रकार की जांच का कोई अनुभव नहीं है. इतना ही नहीं, उन्हें धान घोटाले की जांच का दायित्व भी सौंप दिया गया है, जबकि गेट पास और संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी तक उन्हें नहीं है. ऐसे में जांच की निष्पक्षता और प्रभावशीलता को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं.

करोड़ों रुपये के सरकारी गेहूं की जिम्मेदारी किसकी है? अब बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये के सरकारी गेहूं की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? हजारों कट्टे कहां गए, गेहूं खराब कैसे हुआ और जांच में लगातार हो रही देरी के पीछे कौन जिम्मेदार है. इन सवालों के जवाब मिलने का इंतजार अब पूरे जिले को है.

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