कोरबा में अकीदत के साथ मनाया गया मुहर्रम, ताजिया जुलूस में दिखी कौमी एकता की झलक
मुहर्रम के जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क रहा.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : June 26, 2026 at 9:53 PM IST
कोरबा: शुक्रवार को मुहर्रम का पर्व प्रेम और अकीदत के साथ मनाया गया. इमाम हुसैन की शहादत की याद में मुस्लिम समुदाय द्वारा विभिन्न मोहल्लों से ताजिया का जुलूस निकाला गया. पुराने शहर में प्रत्येक वर्ष भव्य ताजिया निकाला जाता है. इस दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से पुलिस की भी तैनाती रही. मातमी धुनों के साथ या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं. मोहर्रम के अवसर पर शांतिपूर्ण ढंग से कार्यक्रम संपन्न हुआ.
अकीदत के साथ मनाया गया मुहर्रम
दोपहर बाद से ही विभिन्न समितियों द्वारा ताजिया निकालने का सिलसिला शुरू हुआ. गर्मी और उमस के कारण देर शाम को ही अधिकतर ताजिया निकाले गए जो की रात के 8:00 बजे तक आयोजित हुए. मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों से निकले ताजियों को शहर के निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला मैदान तक ले जाया गया. जुलूस में शामिल युवाओं और बुजुर्गों ने अपनी श्रद्धा प्रदर्शित की. ताजिया के जुलूस के दौरान लाठी से युवाओं ने करतब का प्रदर्शन भी किया. सावधानी बरतते हुए मुंह से आग छोड़ने वाले करतब भी दिखाए गए.
शांति व्यवस्था के लिए पुलिस रहीम तैनात
मुहर्रम के जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क रहा. संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी, साथ ही मुख्य मार्गों पर यातायात को भी डायवर्ट किया गया था. खास तौर पर पुराना शहर, सुनालिया चौक और पावर हाउस रोड पर ट्रैफिक पुलिस की अधिक मुस्तैदी रही.

कौमी एकता की पेश की मिसाल
विभिन्न सामाजिक संगठनों और अन्य धर्मों के लोगों ने मुस्लिम भाइयों का स्वागत किया. कई स्थानों पर स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा श्रद्धालुओं के लिए जलपान और शर्बत की व्यवस्था की थी. जो शहर की भाईचारे और आपसी सद्भाव की परंपरा को दर्शाती है. रात होते-होते सभी ताजियों को निर्धारित कर्बला मैदान तक पहुंचाया गया. जहां पूरी मर्यादा और परंपरा के साथ उनका विसर्जन संपन्न हुआ.

ताजिया का किया आयोजन
मेमन जमात कोरबा के अध्यक्ष हाजी अमीन शेखानी ने बताया कि मोहर्रम के अवसर पर ताजिया निकालकर भव्य आयोजन किया गया है. इस उपलक्ष पर शरबत और लंगर का भी आयोजन किया जाता है, कोरबा में लगभग 7 से 8 ताजिए निकाले जाते हैं. कुछ समय बाद कर्बला में इसका समापन कर दिया जाता है. जंग में हमारे पैगंबर हुसैन ने अपने 72 साथियों के साथ शहादत दी थी. उनकी याद में यह पर्व मनाया जाता है. यह गम का त्यौहार होता है, उनकी शहादत को हम याद करते हैं.

सुरक्षा की पुख्ता इंतजाम किए गए
सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि ताजिया का त्योहार आज मनाया जा रहा है. जिसके लिए पुलिस के द्वारा चाक चौबंद व्यवस्था की गई है. प्रत्येक ताजिया के साथ एक टीम को तैनात किया गया है. पुराना बस स्टैंड में रूट को भी डायवर्ट किया गया है. बड़ी गाड़ियों को पहले निकाल दिया गया है. ताकि ताजिया निकालते समय किसी तरह की परेशानी न हो. बिल्डिंग से भी निगरानी की जा रही थी. ताकि किसी भी तरह की कोई अप्रिय स्थिति निर्मित ना हो.
जल में अठखेलियां करते दिखा गजराज दल, सूंड से धूल उड़ाकर पानी में खेलते कैमरे में कैद

