झारखंड में पहली बार होगा एमएसएमई डिफेंस कॉन्क्लेव, कोल्हान में चल रही तैयारी
पहली बार झारखंड में एमएसएमई डिफेंस कॉन्क्लेव का आयोजन होने जा रहा है.

Published : January 3, 2026 at 9:40 PM IST
जमशेदपुरः झारखंड में पहली बार एमएसएमई डिफेंस कॉन्क्लेव का आयोजन सरायकेला जिला में होगा. इसको लेकर तैयारियों का दौर शुरू हो गया है.
भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव ने बताया कि इस तरह के आयोजन से रक्षा के क्षेत्र में स्थानीय उद्योग को जोड़ने का मौका मिलेगा. रक्षा के क्षेत्र मे स्थानीय उद्योग भी अपने उत्पाद के जरिये जुड़ सकेंगे. झारखंड में इसे लेकर पहली बार एक पहल की जा रही है.
जमशेदपुर के बिस्टुपुर स्थित सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीस भवन में भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स, सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इडस्ट्री और आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्री एसोसिएशन ने संयुक्त रूप जानकारी से दी है. इस दौरान सिंहभूम चैंबर के अध्यक्ष मानव केडिया भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव केका शर्मा आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल और चैंबर से जुड़े अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे.
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि स्थानीय उद्योगों के लिए रक्षा क्षेत्र में नए अवसर प्रदान करने के लिए एमएसएमई डिफेंस कॉन्क्लेव का आयोजन आदित्यपुर स्थित ऑटो कलस्टर परिसर में होगा. आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत बनाने और स्थानीय एमएसएमई उद्योगों को रक्षा क्षेत्र से जोड़ने के उद्देश्य से एमएसएमई डिफेंस कॉन्क्लेव का आयोजन आगामी 16 और 17 जनवरी 2026 को किया जाएगा.
इस कॉन्क्लेव का आयोजन सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन एवं भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है. जिसमें लघु उद्योग भारती, बीईएमएल सहित अन्य व्यावसायिक संस्थाएं भी सहयोग करेगी. इस कॉन्क्लेव का उद्घाटन 16 जनवरी 2026 को देश के रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ करेंगे. इस अवसर पर रिटायर्ड एयर चीफ मार्शल अरूप राहा एवं रक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे.
आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल ने बताया कि कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के एमएसएमई उद्योगों को रक्षा क्षेत्र में कार्य के जरिये जोड़ना है. जिससे काम के साथ रोजगार का क्षेत्र और मजबूत होगा. वर्तमान में देशभर में लगभग 17,000 एमएसएमई इकाइयां रक्षा क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं. लेकिन जमशेदपुर एवं आसपास के क्षेत्रों की भागीदारी अत्यंत सीमित है. इस कॉन्क्लेव के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों को पूरी जानकारी मिलेगी कि रक्षा क्षेत्र में किस प्रकार के उत्पादों का निर्माण किया जा सकता है.
भारत पहले 65 प्रतिशत डिफेंस का सामान आयात करता था लेकिन आज भारत 70 प्रतिशत निर्यात कर रहा है. भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव केका शर्मा ने बताया कि रक्षा मंत्रालय पिछले कई वर्षों से एमएसएमई उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए निजी क्षेत्र को जोड़ रहा है. पश्चिम बंगाल, राजस्थान, ओडिशा, बिहार एवं छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में इस प्रकार के आयोजन किए जा चुके हैं और अब यहाँ की औद्योगिक क्षमता को देखते हुए यह कॉन्क्लेव किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि इस आयोजन में प्रदर्शनी, सेमिनार एवं वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी. जिसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम औद्योगिक इकाइयाँ भाग ले सकेंगी. कॉन्क्लेव में एयरफोर्स, नेवी एवं आर्मी से जुड़े अनुभवी विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे, जो उद्यमियों को रक्षा क्षेत्र में संभावनाओं से अवगत कराएंगे. इस कॉन्क्लेव में लगभग 50 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें रक्षा मंत्रालय से जुड़े 5से 6 स्टॉल भी होंगे, जहां आवश्यक उत्पादों की जानकारी उद्यमियों को दी जाएगी. बी2बी मीटिंग में उद्योगों एवं सरकारी खरीदारों के बीच सीधा संवाद होगा.
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