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विवादित बयानों और नेताओं का उम्मीदों में बीता 2025, पीएम मोदी ने किया मध्य प्रदेश का रिकॉर्ड विजिट

मध्य प्रदेश में नेताओं के बयानों से उपजे विवाद और नियुक्तियों के इंतजार में गुजरा 2025, धरातल पर सामने आए कई अंदरूनी विवाद.

MADHYA PRADESH POLITICS
विवादित बयानों और नेताओं का उम्मीदों में बीता 2025 (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : December 31, 2025 at 8:31 PM IST

4 Min Read
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भोपाल: मध्य प्रदेश में साल 2025 नेताओं के बयानों से उपजे विवादों, मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट और नई नियुक्तियों के नाम रहा. मध्य प्रदेश के नेताओं के बयान देशभर में सुर्खियां बने. कई बयानों ने विवाद का रूप लिया और पार्टी के लिए मुसीबत खड़ी की. मध्य प्रदेश में बीजेपी पार्टी में साल भर राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर कशमकश चलती रही. पूरे साल सूची जारी होने को लेकर कयास लगाए जाते रहे. अब निगम मंडलों में एडजस्ट होने की कोशिश में लगे नेताओं को साल 2026 से ही उम्मीद है.

बीजेपी को मिला नया अध्यक्ष

मध्य प्रदेश बीजेपी में अध्यक्ष पद की लंबी पारी खेलने वाले वीडी शर्मा का उत्तराधिकारी आखिरकार पार्टी ने हेमंत खंडेलवाल के रूप में खोजा. चुनाव प्रक्रिया के बाद बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल को निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया. हालांकि अध्यक्ष पद की रेस में बीजेपी के कई नेता शामिल थे. जिसमें नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया को प्रमुख दावेदार माना जा रहा था. अध्यक्ष न बनाए जाने से राजनीतिक पुर्नवास की राह देख रहे इन नेताओं को तगड़ा झटका लगा.

धरातल पर आया अंदरूनी विवाद

बीजेपी में 2 बड़े नेताओं का अंदरूनी विवाद साल 2025 में धरातल पर आ गया. कांग्रेस से बीजेपी में आए और जीतकर मंत्री बने गोविंद सिंह राजपूत की बीजेपी के स्थानीय कद्दावर नेता भूपेन्द्र सिंह से अदावत खुलकर बाहर आ गई. दोनों नेताओं ने खुलकर एक-दूसरे के खिलाफ बयान दिए. बयानों से पार्टी के सामने असहज स्थिति पैदा हो गई. झगड़े की गूंज दिल्ली तक भी पहुंची. लंबे समय से चला आ रहा यह विवाद साल खत्म होने के बाद भी अभी पूरी तरह से शांत नहीं हो पाया है.

विवादित बयान से मुश्किल में पड़ा मंत्री पद

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने अपना जबरदस्त शौर्य दिखाया. भारतीय सेना ने पाकिस्तान के दांत खट्टे कर दिए, लेकिन मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह का बयान बीजेपी के लिए मुसीबत बन गया. विजय शाह ने भारतीय सेना की कार्रवाई की प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जानकारी देने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान दिया. उनके इस बयान ने जमकर तूल पकड़ा.

इसके बाद विजय शाह को प्रदेश बीजेपी संगठन ने तलब किया. मंत्री विजय शाह ने कई बार हाथ जोड़कर मांफी मांगी. मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया और कोर्ट के आदेश पर मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. इस विवाद में विजय शाह का मंत्री पद जाते-जाते बच गया.

पीएम मोदी ने किए मध्य प्रदेश के कई दौरे

साल 2025 मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री मोदी के लगातार दौरों के लिए भी याद किया जाएगा. प्रधानमंत्री मोदी ने 2025 में 5 दौरे किए. इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश को कई सौगातें दी. 23 फरवरी 2025 को पीएम मोदी छतरपुर के बागेश्वर धाम पहुंचे और मेडिकल कॉलेज व रिसर्च इंस्टीट्यूट की आधारशिला रखी. 24 फरवरी को पीएम मोदी भोपाल पहुंचे और ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का उदघाटन किया. पहली बार रात में भी यहीं रुके. 11 अप्रेल को पीएम मोदी अशोकनगर के ईसागढ़ स्थित आनंदपुर धाम पहुंचे. 31 मई को पीएम मोदी ने भोपाल में नारी सशक्तिकरण सम्मेलन में हिस्सा लिया. 17 सितंबर को पीएम मोदी धार जिले में टेक्सटाइल पार्क का उद्घाटन करने पहुंचे.

बयानों में उलझी कांग्रेस

मंत्री विजय शाह ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के बड़े नेताओं ने भी अपने बयान से पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी. दिग्विजय सिंह ने नए साल के पहले एक पुरानी फोटो जारी कर आरएसएस संगठन की तारीफ की. उनके इस ट्वीट के बाद कांग्रेस में खूब बवाल मचा. इसके पहले मध्य प्रदेश में 2020 में कांग्रेस की सरकार गिरने के मामले में एक बयान से दिग्विजय सिंह और कमलनाथ आमने सामने आ गए. दिग्विजय सिंह ने सरकार गिरने की वजह कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच ग्वालियर चंबल के मुद्दे पर सहमति न बन पाना बताया. इसका जवाब कमलनाथ ने दिया और उन्होंने कहा कि सिंधिया को लगता था कि सरकार दिग्विजय सिंह चला रहे थे.