नरेगा टांका निर्माण पर रोक : सांसद उम्मेदाराम ने बताया तुगलकी फरमान, विधायक बोले- यह थार की पीठ में खंजर
सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल और विधायक हरीश चौधरी ने सरकार के एक फैसले पर निशाना साधा है.

Published : October 22, 2025 at 11:07 AM IST
बाड़मेर : जैसलमेर के सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने महात्मा गांधी नरेगा के तहत टांका निर्माण कार्यों पर रोक लगाने के सरकार के फैसले की कड़ी निंदा करते हुए उसे तुगलकी फैसला बताया है. उन्होंने इसे न केवल ग्रामीण जनता के साथ अन्याय बताया, बल्कि सरकार की ओर से जमीनी हकीकत से मुंह चुराने जैसा निर्णय करार दिया है.
सांसद ने उठाए सवाल : सांसद बेनीवाल ने कहा कि यह निर्णय दीपावली के दिन जारी किया गया. ये 'प्यासे मरेंगे, नीति बनेगी कागज पर' जैसी विडंबना को जन्म देता है. बिना धरातलीय जांच और सर्वे के, बंद एसी कमरों में बैठकर नीतियां बनाना और आदेश जारी करना, थार की असल समस्याओं की अनदेखी करना है. राजस्थान जैसे मरुभूमि प्रदेश में जहां हर बूंद पानी जीवन का आधार है, इन्हीं टांकों में संरक्षित किए गए जल से ही थारवासियों की प्यास बुझाते हैं.
पढ़ें. सांसद बेनीवाल बोले- हर घर नल कनेक्शन से जुड़े, यूं खोली अधिकारियों के झूठ की पोल खोल
बेनीवाल ने कहा कि सरकार के ये तथाकथित दिशा-निर्देश शायद उन एसी कमरों से बने हैं, जहां न थार की तपती रेत की जलन महसूस होती है, न प्यास से फटे होंठों की पीड़ा. बेनीवाल ने जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हजारों करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद मुश्किल से 10% लोगों तक ही पानी पहुंचा है. पाइप लाइनें डाली गईं, नल लगाए गए, पर सालों बाद भी उनमें से पानी की एक बूंद नहीं टपकी.
सांसद बेनीवाल ने अपना खेत, अपना काम जैसी योजनाओं पर भी निराशा व्यक्त की. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों को अपने खेतों में पानी सहेजने, सिंचाई करने और अपनी आजीविका सुरक्षित रखने में मदद करना था, लेकिन अब जब गांवों के जीवन का आधार टांका निर्माण पर रोक लगा दी गई है तो यह ग्रामीण आत्मनिर्भरता और जल संरक्षण संस्कृति दोनों पर कुठाराघात है. उन्होंने कहा कि यह आदेश न केवल ग्रामीण जनता के जीवन पर बल्कि राजस्थान की जल-संरक्षण परंपरा पर भी प्रहार है. उन्होंने सरकार से इस तुगलकी निर्णय को तुरंत वापस लेने और ग्रामीणों के जीवन से जुड़े टांका निर्माण कार्यों पर लगाई गई रोक को तुरंत वापस लेने की मांग रखी.
राजस्थान जैसे मरुभूमि प्रदेश के सीमांत मरूस्थलीय क्षेत्रों में जहाँ हर बूंद पानी जीवन का आधार है, वहाँ महात्मा गांधी नरेगा के तहत टांका निर्माण कार्यों पर रोक लगाना न सिर्फ़ ग्रामीण जनता के साथ अन्याय है, बल्कि सरकार द्वारा जमीनी हकीकत से नज़र चुराने जैसा निर्णय है।
— Ummeda Ram Beniwal (@UmmedaRamBaytu) October 22, 2025
दीपावली के… pic.twitter.com/HEVZcjjyoB
पढ़ें. हरीश चौधरी बोले: वोट चोरी कांग्रेस का नहीं, हर देशवासी का आंदोलन, सभी को होना चाहिए शामिल
विधायक हरीश चौधरी ने भी निंदा की : वहीं, बायतु विधायक हरीश चौधरी ने भी इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए इसे थार के लोगों के साथ कुठाराघात बताया. उन्होंने कहा कि थार के लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. चौधरी ने एक वीडियो संदेश में कहा कि टांके थार के लोगों के जीवन का आधार हैं, जो पीने के पानी, पशुधन और कृषि के लिए आवश्यक हैं. सरकार का यह फैसला थार की पीठ में खंजर है. उन्होंने थार के सभी लोगों से राजनीति से ऊपर उठकर इस फैसले के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह किया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या यह आदेश थार को बर्बाद करने का मॉडल है? अगर सरकार इस फैसले को वापस नहीं लेती है तो थार के लोग इसका पुरजोर विरोध करेंगे.
सुनो सरकार, आज दुनिया जिस इजराइल मॉडल की तारीफ़ करती है उससे भी बेहतरीन मॉडल हमारे थार के ये टाँके है जो पीने हेतु, पशुधन तथा कृषि तीनों महत्वपूर्ण कार्यों में हमारे सहायक है, जिस वाटर हार्वेस्टिंग मॉडल को दुनिया में पहचान मिलनी चाहिए उन टाँकों को आपके आज के आदेश ने निरस्त कर… pic.twitter.com/y4lPDBpHjG
— Harish Chaudhary (@Barmer_Harish) October 21, 2025
सांसद खेल महोत्सव पर छिड़ा विवाद : पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी द्वारा आयोजित किए जा रहे सांसद खेल महोत्सव को लेकर अब सियासत गरमा गई है. बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने पूर्व सांसद कैलाश चौधरी पर जमकर निशाना साधा है. बेनीवाल ने चौधरी पर तंज कसते हुए कहा कि जनता ने जिन्हें नकार दिया है, वो जबरदस्ती सांसद और विधायक बने घूम रहे हैं. लेकिन जनता सब समझती है. जनता इन्हें आने वाले समय में जवाब देगी.
हम खेल विरोधी नहीं, वो लोकतंत्र विरोधी : उन्होंने खेल विरोधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम खेल विरोधी नहीं हैं, बल्कि वे लोकतंत्र के विरोधी हैं. जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि के नाम पर खेलकूद प्रतियोगिता करवाकर वो यह साबित करना चाहते हैं कि असली जनप्रतिनिधि तो हम हैं. जनता ने किसे जिताया, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन हम करते हैं, वैसा ही होता है.
भाजपा का अपने नेताओं पर कंट्रोल नहीं : बेनीवाल ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह एक हिटलरशाही नीति बीजेपी सरकार की है. बीजेपी का अपने नेताओं पर कोई कंट्रोल नहीं है, जो हारे हुए और जनता में जनाधार खो चुके हैं, वे अपने आपको जनप्रतिनिधि साबित करने का प्रयास कर रहे हैं.
इस मामले को छोड़ेंगे नहीं, लास्ट तक खीचेंगे : सांसद खेल महोत्सव को लेकर बेनीवाल ने बताया कि उन्होंने बाड़मेर और बालोतरा जिले के कलेक्टर से बात की है और स्पष्टीकरण भी मांगा है. उनका कहना है कि हमने इस संबंध में कोई आदेश नहीं निकाला है. प्रशासन और शिक्षा विभाग एक दूसरे पर डाल रहे हैं, लेकिन झुटपुटे में यह काम चल रहा है. जनता सब देख रही है. सांसद ने कहा कि यह उनके विशेषाधिकार का हनन है और वे इस मामले को लास्ट तक खींचेंगे.

