मध्य प्रदेश में पुलिस और सेना में भर्ती की फ्री ट्रेनिंग, 4 हजार युवाओं को मौका, जानें आवेदन की लास्ट डेट
मध्य प्रदेश में सेना और पुलिस में भर्ती के लिए ओबीसी युवाओं को 45 दिन की मुफ्त ट्रेनिंग, 35 फीदसी सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : May 6, 2026 at 10:14 PM IST
भोपाल: सेना, पुलिस, होमगार्डर्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए राज्य सरकार नि:शुल्क ट्रेनिंग शुरू करने जा रही है. इसके लिए राज्य सरकार ने शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना शुरू की है, जिसमें 45 दिन का नि:शुल्क प्रशिक्षण युवाओं को दिया जाएगा. इस योजना में ओबीसी वर्ग के 4 हजार युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है. इस योजना के लिए 11 मई तक आवेदन जमा किया जा सकता है. इस प्रशिक्षण शिविर में 35 फीदसी सीटें महिलाओं के लिए भी रिजर्व रखी गई हैं. वहीं, इसमें मुफ्त ट्रेनिंग के अलावा रहने-खाने की व्यवस्था और स्टायपेंड भी दिया जाएगा.
इस तरह कर सकते हैं आवेदन
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑफलाइन रखी गई है. इसके लिए उम्मीदवार को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की वेबसाइट से फार्म डाउनलोड करना होगा. इसके अलावा 20 चयनित जिलों में स्थित पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहायक संचालक कार्यालयों से भी निःशुल्क आवेदन फॉर्म लिए जा सकते हैं. फॉर्म को भरकर जरूरी दस्तावेजों के साथ 11 मई या उससे पहले इन्हीं कार्यालयों में जमा करना होगा.
योजना में कौन होगा पात्र
आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना और अन्य पिछड़ा वर्ग (नॉन-क्रीमीलेयर) श्रेणी में आना अनिवार्य है. इसके साथ ही आवेदक कम से कम 12वीं कक्षा पास होना जरूरी है. वहीं, शारीरिक मापदंड के तहत पुरुषों की न्यूनतम ऊंचाई 168 सेंटीमीटर और महिलाओं की 155 सेंटी मीटर होनी चाहिए. आवेदक के पैरों के तलवे चपटे (फ्लैट फुट) नहीं होने चाहिए और सावधान की मुद्रा में खड़े होने पर दोनों घुटने आपस में टकराने (नॉक नीज) नहीं चाहिए. यदि आवेदन 4000 से ज्यादा पहुंचते हैं, तो उम्मीदवारों का चयन 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों (मेरिट) के आधार पर किया जाएगा. अंक समान होने की स्थिति में अधिक उम्र वाले अभ्यर्थी को प्राथमिकता दी जाएगी.
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिमाह मिलेगा स्टाइपेंड
योजना के लिए चयनित होने वाले युवाओं को ट्रेनिंग के लिए 45 दिन की नि:शुल्क रहने, खाने की व्यवस्था के अलावा स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा. प्रशिक्षण अवधि में जेब खर्च के लिए पुरुष अभ्यर्थियों को 1,000 रुपए प्रतिमाह और महिला अभ्यर्थियों को 1,100 रुपए प्रतिमाह का स्टाइपेंड भी उनके बैंक खातों में डाला जाएगा.
- भोपाल में अतिथि शिक्षकों का हल्लाबोल, 62 वर्ष की आयु तक सुरक्षा और 12 महीने की नौकरी पर अड़े
- मध्य प्रदेश के युवाओं का टूट रहा धैर्य, 3 साल से अटकी शिक्षक भर्ती पर दी आखिरी चेतावनी
हर दिन होगी 4 सब्जेक्ट की तैयारी
ट्रेनिंग के दौरान युवाओं को हर दिन लगभग 4 घंटे सैद्धांतिक विषयों की तैयारी कराई जाएगी. इसके अलावा, सुबह और शाम मिलाकर प्रतिदिन 3 घंटे दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद और गोला फेंक जैसी शारीरिक ट्रेनिंग दी जाएगी. अभी यह ट्रेनिंग प्रदेश के 20 जिलों भोपाल, रायसेन, इंदौर, खंडवा, उज्जैन, मंदसौर, सागर, टीकमगढ़, जबलपुर, छिंदवाड़ा, ग्वालियर, गुना, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, सतना, नर्मदापुरम, बैतूल, मुरैना और भिंड के 40 केंद्रों पर शुरूआत की जा रही है. इन केंद्रों में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था होगी.

