मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटना रोकने में मदद करेंगे सड़क सुरक्षा मित्र, 9 जिलों में होगी तैनाती
मध्य प्रदेश में मोहन सरकार बनाने जा रही सड़क सुरक्षा मित्र, आईआईटी मद्रास से दिलाया जाएगा प्रशिक्षण, रोड सेफ्टी ऑडिटर की निभाएंगे भूमिका.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 14, 2026 at 4:41 PM IST
भोपाल: मध्य प्रदेश में सड़क हादसों को रोकने के लिए राज्य शासन अब सड़क सुरक्षा मित्रों की तैनाती करने जा रही है. ये सड़क सुरक्षा मित्र सरकारी कर्मचारी नहीं होंगे, बल्कि अपनी इच्छा से काम करने वाले लोग होंगे. ऐसे लोगों को राज्य शासन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोड सेफ्टी आईआईटी मद्रास और सेव लाइफ फाउंडेशन से ट्रेनिंग भी कराएगी. साथ ही इन्हें रोड सेफ्टी ऑडिटर के रूप में मान्यता दी जाएगी, ताकि इनके लिए रोजगार के अवसर भी खुल सकें. उधर, परिवहन विभाग के प्रधान आरक्षकों को भी चालानी कार्रवाई के अधिकार दिए गए हैं.
यह होगी सुरक्षा मित्र की भूमिका
मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए सरकार द्वारा कोशिश की जा रही है. इसके लिए ब्लैक स्पॉट्स को खत्म कर किया जा रहा है, साथ ही लोगों को भी ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है. अब राज्य शासन सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा मित्रों को भी तैनात करने जा रही है. यह सड़क सुरक्षा मित्र प्रदेश के 9 जिलों में तैनात किए जाएंगे. ये 2 श्रेणियों में होंगे सामान्य और तकनीकी.

आईआईटी मद्रास देगा प्रशिक्षण
इसमें सामान्य सुरक्षा मित्र लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने और दुर्घटना होने पर मौके पर मदद करने के लिए पहुंचेंगे. जबकि तकनीकी रूप से दक्ष सुरक्षा मित्र सुरक्षा ऑडिट का काम करेंगे. इसमें ऐसे लोगों को चुना जाएगा जो इंजीनियर स्नातक होंगे. इनका चयन करने का काम संबंधित जिले के कलेक्टर कार्यालय द्वारा किया जाएगा. चयनित सुरक्षा मित्रों को आईआईटी मद्रास से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा. इसमें बताया जाएगा कि दुर्घटना की स्थिति में उन्हें क्या करना है. सड़क दुर्घटना का सुरक्षा ऑडिट, ब्लैक स्पॉट की पहचान करने के बारे में बताया जाएगा.
इन जिलों में तैनात होंगे सुरक्षा मित्र
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश पर राज्य शासन द्वारा यह कार्रवाई की जा रही है. इसके तहत प्रदेश के छिंदवाड़ा, धार, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, खरगौन, रीवा, सागर और सतना जिलों में सुरक्षा मित्र तैनात किए जाएंगे. परिवहन विभाग के आयुक्त विवेक शर्मा के मुताबिक, "सड़क सुरक्षा जागरूकता और आपात स्थिति में मदद के लिए समुदाय को शामिल करने के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है. इसके लिए ट्रेंड सड़क सुरक्षा ऑडिटरों की एक टीम भी तैयार होगी और इससे कुशल पेशेवरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी.

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चालान काट सकेंगे प्रधान आरक्षक
उधर, परिवहन विभाग के प्रधान आरक्षक भी अब बिना फिटनेस, बीमा, परमिट और लाइसेंस के वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई कर सकेंगे. परिवहन विभाग के प्रधान आरक्षक ऐसे वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई कर सकेंगे. विभाग ने इसके लिए 6 मार्च 2023 को जारी अधिसूचना में संशोधन कर दिया है. इस संशोधन के बाद अब परिवहन विभाग के 40 प्रधान आरक्षकों की पावर बढ़ गई है. अभी इन्हें चालानी कार्रवाई के अधिकार नहीं दिए गए थे. अब प्रधान आरक्षक कार्रवाई के साथ समझौता शुल्क भी वसूल सकेंगे.

