मध्य प्रदेश में खिलाड़ियों की नौकरी पक्की, मेडल जीतते ही बनेंगे SI, मोहन सरकार की सौगात
मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों पर मेहरबान मोहन यादव सरकार, मेडल जीतते ही लगेगी सरकारी नौकरी, साल में एक बार होगी सीधी भर्ती. ब्रिजेंद्र पटेरिया की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : June 16, 2026 at 8:29 PM IST
|Updated : June 16, 2026 at 8:46 PM IST
भोपाल: किसी स्पोर्ट्स में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए पुलिस में भर्ती का रास्ता खुल गया है. ओलंपिक, एशियाई, राष्ट्रमंडल खेल और किसी अधिकृत राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में पद जीतने वाले खिलाड़ियों को सब इंस्पेक्टर पद पर भर्ती का मौका मिलेगा. राज्य सरकार ने इसके लिए नियम तय कर दिए हैं. ऐसे खिलाड़ियों को पुलिस भर्ती के लिए नियमों के अनुसार ऊंचाई और शैक्षणिक योग्यता में पूरी तरह से छूट दी जाएगी. भर्ती में मध्य प्रदेश के मूल निवासी और प्रदेश की राज्य खेल अकादमी में कम से कम 3 साल का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाएगी.
मेडल जीतते ही नौकरी होगी पक्की
मध्य प्रदेश पुलिस उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति नियम 2021 में राज्य शासन ने संशोधन किया है. नए नियमों में तय किया गया है कि राष्ट्रीय खेलों और अधिकृत राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक, रजत पद और कांस्य पदक जीतने के साथ ही खिलाड़ी मध्य प्रदेश पुलिस में आरक्षक के पद पर सीधी भर्ती के लिए पात्र हो जाएंगे. इसी तरह ओलम्पिक खेल, ऐशियाई खेल, राष्टमंडल खेल और विश्वकप या विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक, रजत पदक, कांस्य पदक या भागीदार रहने पर ऐसे खिलाड़ी मध्य प्रदेश पुलिस में उप निरीक्षक के पद पर सीधी भर्ती के लिए पात्र होंगे.
आरक्षक और उप निरीक्षक के पदों पर सीधी नियुक्ति के लिए उत्कृष्ट खिलाड़ियों को नियमों में ऊंचाई और शैक्षणिक योग्यता में पूरी छूट दी जाएगी. यदि आरक्षक और उपनिरीक्षक के पदों पर सीधी भर्ती के लिए निर्धारित पद पर एक से अधिक अभ्यर्थी समान अंक प्राप्त करते हैं, तो मध्य प्रदेश के मूल निवासी और प्रदेश की राज्य खेल अकादमी में कम से कम तीन साल का प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाएगी.
साल में एक बार होगी सीधी भर्ती
आरक्षक और उप निरीक्षक के पदों पर उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती के लिए साल में एक बार खाली पदों का विज्ञापन निकाला जाएगा. भर्ती प्रकिया के लिए चयन समिति बनाई जाएगी. इसमें एडीजी, एसएएफ, आईजी, प्रशासन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक शामिल होंगे. पदों पर भर्ती के लिए मेडल के हिसाब से अंक भी निर्धारित होंगे. इसमें सबसे ज्यादा अंक ओलंपिक खेल में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी के लिए 800 अंक निर्धारित किए गए हैं. इसके अलावा ओलंपिक में रजत या विश्व कप या विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले को 700 अंक दिए जाएंगे. ओलंपिक में कांस्य, एशियाई खेल में स्वर्ण और विश्व कप में रजत पदक जीतने वाले को 600 अंक दिए जाएंगे.
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ओलंपिक खेल में भागीदार, एशियाई खेलों में रजत, विश्व कप में कांस्य और राष्ट्रमंडल में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 500 अंक दिए जाएंगे. ऐशियाई खेलों में कांस्य पदक, राष्ट्रमंडल खेलों में रजत और राष्ट्रीय खेल में स्वर्ण जीतने वाले को 400 अंक दिए जाएंगे. एशियाई खेल में भागीदार, राष्ट्रमंडल में कांस्य और राष्ट्रीय खेल में रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ी को 300 अंक दिए जाएंगे. राष्ट्रमंडल खेल में भागीदार और राष्ट्रीय खेल में कांस्य पदक जीतने और अधिकृत राष्ट्रीय चैम्पियशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 200 अंक दिए जाएंगे.
इन्हीं अंकों के आधार पर पुलिस में भर्ती किया जाएगा. यदि किसी खिलाड़ी ने किसी एक प्रतियोगिता की विभिन्न विद्याओं में एक से अधिक पदक जीते तो उनकी काउंटिंग अलग-अलग की जाएगी.

