मध्य प्रदेश में बाघों को बचाने के लिए कैंपेन, फंदे ढूंढने के लिए सभी टाइगर रिजर्व में ऑपरेशन ट्रैप-2
मध्य प्रदेश में पिछले 6 साल में 269 बाघों की मौत. लगातार हो रही मौत के बाद वन विभाग का 10 जनवरी से ऑपरेशन ट्रैप-2.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 4, 2026 at 5:29 PM IST
भोपाल: टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश में बाघों की लगातार मौतों के बाद अब वन विभाग टाइगर रिजर्व में जानलेवा फंदों को खोजेगा. इसके लिए वन विभाग प्रदेश भर में अभियान चलाने जा रहा है. मध्य प्रदेश में एक साल के अंदर रिकॉर्ड टाइगर की मौत के बाद वन विभाग ने यह फैसला किया है. मध्य प्रदेश में साल 2025 में 55 बाघों की मौत हुई है. इसमें कई बाघों की मौत करंट से हुई है. टाइगर रिजर्व में शिकारियों की मौजूदगी भी मिली है.
मध्य प्रदेश में साल 2025 में 55 बाघों की मौत
मध्य प्रदेश में टाइगर की मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. सागर जिले के दक्षिण वन मंडल में आने वाले ढाना परिक्षेत्र के ग्राम हिलगन में 28 दिसंबर 2025 को एक नर बाघ मृत स्थिति में मिला. नर बाघ की मौत की वजह करंट लगने से बताई जा रही है. यह पहला मौका नहीं है, जब बाघ की मौत के पीछे वजह करंट या अवैध शिकार सामने आई हो. मध्य प्रदेश में साल 2025 में 55 बाघों की मौत हुई है. इसमें से करीबन 17 बाघों के शिकार की आशंका जताई जा रही है हालांकि वन विभाग के अधिकारी भी शिकार की आशंकाओं से इंकार नहीं करते.
पीसीसीएफ शुभरंजन सेन का कहना है कि "बाघों का सर्वाइवल रेट 50 फीसदी से भी कम होता है. हालांकि टाइगर रिजर्व और उसके आसपास सटे इलाकों में शिकार की आशंकाओं को देखते हुए लगातार कार्रवाई की जाती रही है. इसी के चलते पिछले दिनों अंतरराष्ट्रीय शिकारियों को भी दबोचने में कामयाबी मिली है."
उधर, बाघों की लगातार मौत को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं. इसके बाद पीसीसीएफ ने भी सभी टाइगर रिजर्व को पत्र जारी कर बाघों की लगातार मौत पर कड़ी चेतावनी दी थी.

पिछले 6 साल में देश में 832, मध्य प्रदेश में 269 बाघों की मौत
पीसीसीएफ ऑफिस से मिले आंकड़ों के मुताबिक पिछले 6 साल में देश में 832 बाघों की मौत हुई है. वहीं पिछले 6 साल में मध्य प्रदेश में 269 बाघों की मौत हुई है. देश भर में पिछले 6 साल में बाघों की मौत की बात करें तो साल 2020 में 106, 2021 में 129, 2022 में 122, 2023 में 182, 2024 में 126 और साल 2025 में 167 बाघों की मौत हुई है.
मध्य प्रदेश में 6 साल में बाघों की मौत की बात करें तो 2020 में 46, 2021 में 34, 2022 में 43, 2023 में 45, 2024 में 46 और 2025 में 55 बाघों की मौत हुई. इन 6 साल में यहां 269 बाघों की मौत हुई है.

टाइगर रिजर्व में 10 जनवरी से ऑपरेशन ट्रैप-2
प्रदेश में वन्य जीवों के अवैध शिकार पर सख्ती करने के लिए वन विभाग 10 जनवरी से प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व और 63 वन मंडलों में अभियान शुरू करने जा रहा है. इसे ऑपरेशन ट्रैप-2 नाम दिया गया है. इस अभियान के तहत सभी वन मंडलों के कर्मचारी अधिकारियों को जंगलों में उतारा जाएगा.
इसके तहत टीमें डॉग स्क्वॉड, मैटल डिटेक्टर जैसे तमाम साजो-सामान के साथ मैदान में उतरेंगी. जंगलों के साथ संदिग्ध इलाकों में छापामार कार्रवाई करेंगी. इसके अलावा जहां-जहां बाघों की संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हुई है उसके आसपास के इलाकों की बस्तियों में चैकिंग अभियान किया जाएगा. अभियान की हर दिन की रिपोर्ट वन मुख्यालय भेजी जाएगी. यह अभियान 15 फरवरी तक चलेगा.
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'जंगलों में पेट्रोलिंग में आई कमी'
रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी सुदेश बाघमारे कहते हैं कि "वन्य जीवों के शिकार की घटनाएं बढ़ी हैं. इसका मुख्य कारण यही है कि जंगलों में पेट्रोलिंग में कमी आई है. जमीनी स्टॉफ जंगल में नहीं जा रहा. उधर वन्य जीवों के आवागमन को रोकने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा बिजली के तार आदि बछाए जा रहे हैं. इन घटनाओं में शिकारियों की सक्रियता से भी इंकार नहीं किया जा सकता."

