मनोज तिवारी ने भरत तिवारी की बहन से बंधवाई राखी, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का दिया भरोसा
भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलकर सांसद मनोज तिवारी ने जल्द न्याय का भरोसा दिया. आलोक कुमार भारती की रिपोर्ट

Published : August 17, 2026 at 9:02 PM IST
भोजपुर: चर्चित भरत तिवारी मामले में बीजेपी सांसद मनोज तिवारी सोमवार को बिलौटी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार व ग्रामीणों से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि परिवार और गांव के साथ हुई दुखद घटना की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है. सांसद ने कहा कि उन्होंने पीड़ित परिवार की मांगों को गंभीरता से सुना और मुख्यमंत्री के समक्ष एक-एक कर रखा है.
सरकारी कार्रवाई: सांसद ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री ने भी संवेदनशीलता दिखाते हुए परिवार से मुलाकात की. उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया जिन स्थानीय अधिकारियों की भूमिका सामने आई, उनके खिलाफ एफआईआर, निलंबन और गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई हुई है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले में कानून के अनुरूप दोषियों पर कार्रवाई होगी और परिवार को न्याय मिलेगा.
ग्रामीणों को राहत: ग्रामीणों ने सांसद के सामने प्रदर्शन के दौरान दर्ज मुकदमों का मुद्दा भी उठाया. ग्रामीणों के अनुसार करीब 14 लोगों के खिलाफ नामजद तथा लगभग 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है. इस पर सांसद ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान लोगों की स्वाभाविक प्रतिक्रिया को देखते हुए वे मुख्यमंत्री के समक्ष रिपोर्ट रखकर निर्दोष ग्रामीणों को राहत दिलाने का प्रयास करेंगे.
भाईचारे की अपील: मनोज तिवारी ने गांव में कथित गुटबाजी पर भी चिंता जताते हुए ग्रामीणों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि भरत तिवारी का उद्देश्य समाज और लोगों का कल्याण था, इसलिए उनके नाम पर गांव में किसी तरह का विवाद उचित नहीं है. सांसद ने कहा कि भरत तिवारी के परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा.
"प्रथम दृष्टया जिन स्थानीय अधिकारियों की भूमिका सामने आई, उनके खिलाफ एफआईआर, निलंबन और गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई हुई है. मामले में कानून के अनुरूप दोषियों पर कार्रवाई होगी और परिवार को न्याय मिलेगा.भरत तिवारी का उद्देश्य समाज और लोगों का कल्याण था, इसलिए उनके नाम पर गांव में किसी तरह का विवाद उचित नहीं है. परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा."- मनोज तिवारी, बीजेपी सांसद
लिखित शिकायत: सांसद ने कहा कि परिवार या ग्रामीणों के पास कोई सुझाव या शिकायत हो तो उसे लिखित रूप में उपलब्ध कराया जाए, ताकि न्याय की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाया जा सके. उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास हथियार नहीं था और उसकी जान चली गई, तो यह गंभीर अन्याय का विषय है और इसी आधार पर न्याय की मांग जारी रहेगी.
न्याय की लड़ाई: भरत तिवारी की बहन द्वारा राखी बांधकर न्याय की गुहार लगाए जाने का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि वह स्वयं को परिवार का सदस्य मानते हैं और हर कदम पर उनके साथ खड़े रहेंगे. उन्होंने भरत तिवारी के नाम पर स्मारक बनाए जाने की मांग पर भी सहमति जताते हुए कहा कि स्मारक जरूर बनेगा, लेकिन फिलहाल प्राथमिकता न्याय की लड़ाई है. सांसद ने भरोसा दिलाया कि दोषियों को सजा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास जारी रहेगा.
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