ETV Bharat / state

मध्य प्रदेश राज्यपाल के प्रोटोकॉल में चूक, इंदौर में रेसीडेंसी कोठी का टेंडर निरस्त

इंदौर में राज्यपाल मंगुभाई पटेल के प्रोटोकॉल में चूक के बाद प्रशासन ने लिया एक्शन, रेसीडेंसी कोटी की देखरेख करने वाली एजेंसी का टेंडर निरस्त.

MP GOVERNOR PROTOCOL LAPSE
मध्य प्रदेश राज्यपाल के प्रोटोकॉल में चूक (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 19, 2026 at 7:36 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

इंदौर: मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल के हाउस कीपिंग प्रोटोकॉल में चूक का मामला सामने आया है. जहां गवर्नर हाउस की शिकायत के बाद इंदौर जिला प्रशासन ने रेसीडेंसी कोठी की देखरेख करने वाली एजेंसी का टेंडर निरस्त कर दिया है. गर्वनर हाउस के स्टाफ की शिकायत के बाद कलेक्टर ने तुरंत मामले में एक्शन लिया.

रेसीडेंसी कोठी में नहीं थी ठीक व्यवस्थाएं

दरअसल 16 फरवरी को राज्यपाल मंगुभाई पटेल इंदौर दौरे पर थे. जहां वे देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए थे. इस दौरान राज्यपाल स्टाफ के साथ इंदौर के रेसीडेंसी कोठी पर रुके थे, लेकिन रेसीडेंसी कोठी में राज्यपाल के ठहरने की व्यवस्थाएं उचित नहीं पाई गई. बताया गया है कि उनके कमरे में गंदगी की शिकायत करने के बाद भी स्टाफ द्वारा सफाई नहीं की गई. वही रेसीडेंसी कोठी के किचन में भी साफ-सफाई नहीं पाई गई.

अपर कलेक्टर ने निरस्त किया टेंडर (ETV Bharat)

राज्यपाल के ठहरने की व्यवस्थाओं में लापरवाही

ऐसा आरोप है कि लापरवाही को देखते हुए राज्यपाल ने रेजीडेंसी में खाना नहीं खाया था. इसके साथ ही उन्हें चाय भी ठंडी दी गई थी. इस बात से नाराज गवर्नर हाउस के स्टाफ ने पूरे मामले की शिकायत इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा से की थी. इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को मौके से ही फटकार भी लगाई गई थी. शिकायत के बाद इंदौर जिला प्रशासन ने आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए रेसीडेंसी कोठी में हाउस कीपिंग और अन्य व्यवस्थाएं देखने वाली एजेंसी का टेंडर निरस्त कर दिया है.

INDORE HOTEL ARRANGEMENT NEGLIGENCE
इंदौर दीक्षांत समारोह (ETV Bharat)

कलेक्टर ने एजेंसी का टेंडर किया निरस्त

इस मामले में एडीएम रोशन राय का कहना है कि "संबंधित एजेंसी का व्यवहार गवर्नर हाउस के स्टाफ के साथ ठीक नहीं था. बाकी गंदगी और भोजन नहीं करने की बात गलत है. उन्होंने कहा पूरे मामले में कार्रवाई की गई है. वहीं अब रेसीडेंसी कोठी की तमाम व्यवस्थाएं जिला प्रशासन की निगरानी में ठीक की जाएगी. इधर बताया जा रहा है कि जिस एजेंसी का टेंडर निरस्त किया गया है, उसे पिछले दो साल से भुगतान भी नहीं किया गया है. जिसके कारण गवर्नर हाउस के ठहरने के दौरान के पर ऐसी स्थिति बनी.